मैक्स हॉस्पिटल, नागपुर में चिकित्सा का चमत्कार: रोबोटिक तकनीक से दो जीवन रक्षित — डॉक्टरों के समर्पण और विज्ञान की जीत
— जब सेवा, संवेदना और सर्वोच्च तकनीक मिलती है, तब इतिहास लिखा जाता है
नागपुर, 1 अगस्त 2025 | विशेष रिपोर्ट
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नागपुर एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बना है। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नागपुर ने अत्याधुनिक Da Vinci Xi रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की मदद से दो बेहद जटिल अंग प्रत्यारोपण सर्जरियों को सफलतापूर्वक अंजाम देकर न केवल चिकित्सा विज्ञान में नई ऊंचाइयां छुईं, बल्कि दो परिवारों को नया जीवन, नई आशा और नई शुरुआत दी।
यह उपलब्धि सिर्फ तकनीक की जीत नहीं है — यह है डॉक्टरों के समर्पण, मानवीय करुणा और सेवाभाव की गूंज, जो समाज को जीवनदान देने के लिए निःस्वार्थ रूप से समर्पित हैं।
🩺 केस 1: जब पत्नी बनी जीवनदाता – लिवर ट्रांसप्लांट की अनोखी मिसाल
चंद्रपुर निवासी 40 वर्षीय अंकुश गौरकर पिछले दो वर्षों से एक गंभीर लिवर रोग से पीड़ित थे। उनकी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी, और अंततः उन्हें लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता पड़ी। इस कठिन घड़ी में उनकी पत्नी भाग्यश्री खांगर (36) ने आगे बढ़कर लिवर का एक हिस्सा दान करने का निर्णय लिया — एक सच्चे जीवनसाथी की प्रेरणादायक मिसाल।
इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व कर रहे थे डॉ. राजविलास नरखेड़े (प्रिंसिपल कंसल्टेंट – लिवर ट्रांसप्लांट व बाइलरी सर्जरी)। उन्होंने रोबोटिक तकनीक की सहायता से अत्यंत सटीकता और सुरक्षा के साथ राइट लोब हेपेटेक्टॉमी (लिवर निकालना) की सर्जरी की, जो करीब 7 घंटे चली। इसके पश्चात लिवर का प्रत्यारोपण मरीज में 8 घंटे में सफलतापूर्वक किया गया।
परिणाम? — बिना किसी जटिलता के दोनों सर्जरी सफल, डोनर 5वें दिन और मरीज 12वें दिन स्वस्थ होकर डिस्चार्ज।
यह न केवल चिकित्सा उपलब्धि है, बल्कि प्रेम, सेवा और विज्ञान का अद्भुत संगम है।
🧬 केस 2: पति ने निभाया जीवनभर का वादा – किडनी प्रत्यारोपण में सफलता
कंचन उपासनी (52) पिछले कई महीनों से क्रॉनिक किडनी डिजीज स्टेज-V से जूझ रही थीं। डायलिसिस से गुजर रही कंचन जी को तत्काल किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत थी। इस निर्णायक क्षण में उनके पति प्रशांत उपासनी (55) ने अपनी किडनी दान कर एक आदर्श प्रस्तुत किया।
इस सर्जरी को अंजाम देने वाली टीम में शामिल थे डॉ. जुनेद शेख (प्रिंसिपल कंसल्टेंट – यूरोलॉजी व किडनी ट्रांसप्लांट) और डॉ. संजय कोलते (डायरेक्टर – रीनल साइंसेज)।
रोबोटिक डोनर नेफ्रेक्टॉमी तकनीक से की गई इस सर्जरी में न केवल अत्यंत कम रक्तस्राव हुआ, बल्कि मरीज को बेहद कम दर्द हुआ और रिकवरी तेजी से हुई।
डॉ. शेख कहते हैं,
“आज की तारीख में रोबोटिक तकनीक सबसे सटीक, सुरक्षित और मरीज हितैषी विकल्प बन चुका है। यह सर्जरी अब एक विज्ञान नहीं, एक कला बन गई है।”
🤖 रोबोटिक तकनीक: भविष्य की चिकित्सा, आज नागपुर में
मैक्स हॉस्पिटल, नागपुर द्वारा हाल ही में स्थापित Da Vinci Xi Robotic System चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इसकी मदद से न केवल जटिल ऑपरेशनों को सरल और सटीक बनाया जा रहा है, बल्कि मरीजों के शरीर पर कम प्रभाव डालकर तेज़ रिकवरी सुनिश्चित की जा रही है।
मैक्स हॉस्पिटल अब भारत के उन अग्रणी अस्पतालों में शामिल हो गया है, जो रोबोटिक ट्रांसप्लांट को एक नई परंपरा बना रहे हैं।
🙏 डॉक्टरों को सलाम, मैक्स को धन्यवाद
इन दोनों सर्जरी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि एक डॉक्टर का समर्पण, सिर्फ एक पेशा नहीं – एक मिशन होता है।
मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों की दूरदर्शिता, सर्जिकल कौशल और मानवीय संवेदना ने चिकित्सा को केवल इलाज तक सीमित नहीं रखा – उन्होंने उम्मीद, भरोसे और जीवन को फिर से परिभाषित किया।
डॉ. संजय कोलते ने कहा:
“अंगदान को लेकर समाज में जागरूकता जितनी बढ़ेगी, उतने ही अधिक जीवन बचाए जा सकेंगे। आज की चिकित्सा तकनीक इतनी उन्नत है कि किसी डोनर को डरने की आवश्यकता नहीं है — हम सुरक्षित हैं, सक्षम हैं और तैयार हैं।”
🏥 मैक्स हेल्थकेयर – स्वास्थ्य सेवा का राष्ट्रीय स्तंभ
भारत की सबसे अग्रणी हेल्थकेयर संस्थाओं में से एक, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड देशभर में 22 से अधिक सुपर स्पेशलिटी सेंटर संचालित कर रहा है। नागपुर, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, लखनऊ, मोहाली जैसे शहरों में इसकी उपस्थिति इसे आम लोगों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा का भरोसेमंद केंद्र बनाती है।
इसके अतिरिक्त “Max@Home” और “Max Labs” के माध्यम से यह संस्था घर-घर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है — एक 360° हेल्थकेयर विज़न के साथ।
✨ निष्कर्ष: जब विज्ञान, सेवा और संवेदना मिलते हैं – तब चमत्कार होते हैं
मैक्स हॉस्पिटल, नागपुर की यह सफलता सिर्फ दो सर्जरियों की कहानी नहीं है — यह दृढ़ निश्चय, प्रेम, समर्पण और तकनीक के अद्वितीय संगम की प्रेरक गाथा है।
“मैक्स में इलाज नहीं होता, वहां जीवन फिर से शुरू होता है।”
“ये डॉक्टर नहीं, हमारे समय के सच्चे नायक हैं – जिन्होंने सर्जरी के जरिए जीवन की ज्योत फिर से प्रज्वलित की।”
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