सिविल लाइंस प्रभाग नंबर 14 : अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्था से जूझता वीआईपी इलाका
नागपुर | प्रतिनिधि
नागपुर शहर का सबसे महत्वपूर्ण और वीआईपी माने जाने वाला सिविल लाइंस स्थित प्रभाग नंबर 14 आज प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बनता जा रहा है। सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों से घिरा यह क्षेत्र अतिक्रमण, गंदगी, यातायात अव्यवस्था और बदहाल आंतरिक सड़कों की समस्या से बुरी तरह प्रभावित है।
गांधी चौक बना अतिक्रमण का केंद्र
वार्ड के प्रमुख गांधी चौक क्षेत्र में फुटपाथों पर फेरीवालों, हाथठेलों और अवैध दुकानों का कब्जा है। मजबूरन पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। अनधिकृत पार्किंग के कारण दिनभर यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान सिर्फ दिखावे तक सीमित रह गया है।
सफाई व्यवस्था पर सवाल
हालांकि इस वार्ड में रोजाना सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन सिविल लाइंस, फुटाला, तेलंगखेड़ी और जापानी गार्डन क्षेत्रों में कचरे के ढेर और दुर्गंध आम दृश्य बन चुके हैं। नागरिकों का कहना है कि मुख्य सड़कों तक ही सफाई सीमित रहती है, जबकि आवासीय इलाकों की अनदेखी होती है।
आंतरिक सड़कों की हालत बदतर
जहां मुख्य सड़कों का सीमेंट-कांक्रीटीकरण किया गया है, वहीं रिहायशी इलाकों की आंतरिक सड़कें खस्ताहाल हैं। जगह-जगह गड्ढे, टूटे फुटपाथ और बारिश के मौसम में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
पार्किंग और यातायात व्यवस्था ध्वस्त
वार्ड के चौक-चौराहों, सड़कों और खुले मैदानों पर अवैध पार्किंग आम हो गई है। प्रभावी यातायात नियंत्रण और पार्किंग नीति के अभाव में ट्रैफिक जाम रोजमर्रा की समस्या बन गया है।
उद्यान और सार्वजनिक स्थल उपेक्षित
शहर की पहचान माने जाने वाले फुटाला झील, तेलंगखेड़ी गार्डन और जापानी गार्डन पर्याप्त रखरखाव के अभाव में बदहाल हो रहे हैं। बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्रकाश और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से नागरिकों और पर्यटकों को असुविधा हो रही है।
नागरिकों की प्रमुख शिकायतें
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सड़कों और फुटपाथों पर बढ़ता अतिक्रमण
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पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथों का अभाव
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अनियमित कचरा उठाव और गंदगी
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आंतरिक सड़कों की दयनीय स्थिति
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अवैध पार्किंग और ट्रैफिक जाम
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उद्यानों की उपेक्षा
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अस्थायी कार्रवाई के बजाय स्थायी और ठोस उपाय अपनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सिविल लाइंस जैसे वीआईपी क्षेत्र की यह हालत है, तो शहर के अन्य वार्डों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।
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