स्कूलों के सामने की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान हो – युवा जागर संगठन ने डीसीपी को सौंपा ज्ञापन
नागपुर, 14 जून – नागपुर शहर में बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही स्कूलों के सामने ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को रोजाना भारी ट्रैफिक से जूझना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान की माँग को लेकर आज युवा जागर संगठन ने अध्यक्ष संदीप देशपांडे के मार्गदर्शन और सचिव सौरभ चट्टे के नेतृत्व में डीसीपी (यातायात) को एक निवेदन सौंपा।
संगठन ने अपने ज्ञापन में कहा कि महाल, सीताबर्डी, धरमपेठ, लक्ष्मीनगर, इतवारी और मध्य नागपुर जैसे क्षेत्रों में, विशेषकर स्कूल शुरू और छुट्टी के समय, ट्रैफिक जाम के कारण विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
प्राचार्य और अभिभावक परेशान, छात्र खतरे में
महाल क्षेत्र की टाटा पारसी गर्ल्स स्कूल की प्राचार्या ने संगठन को बताया कि, “हमने कई बार ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। हमारी स्कूल के 60% स्टाफ को हर दिन ट्रैफिक संभालने के लिए बाहर खड़ा रहना पड़ता है। पुलिस की गाड़ी यहां कभी नहीं आती, जिससे अभिभावकों के बीच झगड़े तक हो जाते हैं।”
यह समस्या सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है। राजेन्द्र हाईस्कूल, सीपी एंड बेरार कॉलेज, डीडी नगर कॉलेज, वीएमवी कॉलेज और अन्य स्कूलों के सामने भी यही स्थिति है।
ट्रैफिक नियंत्रण के लिए ठोस कदम जरूरी
युवा जागर संगठन के अनुसार यह समस्या सिर्फ स्कूल या अभिभावकों की नहीं है, बल्कि यह शहर की यातायात व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है। इसलिए संगठन ने अपने ज्ञापन में कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
1. हर स्कूल के सामने ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए
2. ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाए
3. स्कूल शुरू और छुट्टी के समय पुलिस गश्ती वाहन की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
4. स्कूल और पालक संघों के साथ मिलकर ट्रैफिक की योजना बनाई जाए
5. पूरे मॉनसून सीजन में विशेष ट्रैफिक नियंत्रण अभियान चलाया जाए
संगठन का मानना है कि अगर प्रशासन कम से कम एक महीने के लिए सख्त जुर्माना अभियान चलाए, तो नागरिक ट्रैफिक नियमों का पालन करने लगेंगे और जाम की स्थिति में सुधार आएगा।
स्कूल परिसर में सुरक्षा को प्राथमिकता मिले
युवा जागर ने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों और अभिभावकों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हर साल यह समस्या सामने आती है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, जो कि प्रशासन की निष्क्रियता को दर्शाता है।
ज्ञापन सौंपते समय उपस्थित रहे संगठन के सदस्य
इस मौके पर संगठन के सदस्य वैभव मेश्राम, चैतन चट्टे, देवेंद्र शेंडे, अभिनव लोणारे, मिथेन सातनूरकर, रोहित सातनूरकर, आर्यन केसर्वानी, जितेंद्र मांडवकर, लकी लांजेवार, विनोद धामणकर, मोनिका कुंभारे, मीनाक्षी गुरव और सिमरन मस्कर उपस्थित थे।
📣 यदि स्कूलों के सामने यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती, तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ता है। प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए – यही माँग युवा जागर संगठन ने आज स्पष्ट रूप से रखी।
– सौरभ चट्टे, सचिव, युवा जागर संगठन

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