रूहानियत का रोशन चिराग: हजरत बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह की छब्बीसवीं 23 जून को अदब व अकीदत से मनाई जाएगी
नागपुर।
सूफियाना परंपराओं के अज़ीम सरपरस्त, हजरत बाबा सैयद मोहम्मद ताजुद्दीन औलिया रहमतुल्लाह अलैह की याद में मनाई जाने वाली छब्बीसवीं शरीफ सोमवार, 23 जून 2025 को नगीने की तरह रोशन होगी। हर साल की तरह इस बार भी ताजबाग की पाक दरगाह में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ेगा, जो अपने दिलों में मोहब्बत, ईमान और ताजुद्दीन बाबा की तालीम लिए पहुंचेगा।
इस मुबारक मौके पर दिनभर दरगाह परिसर में रूहानी वातावरण रहेगा। कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 8:30 बजे दस्तारबंदी की पुरअसर रस्म से होगी — यह वह लम्हा होगा जब आध्यात्मिक विरासत को श्रद्धा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इसके बाद 9 बजे परचम कुशाई की रस्म अदा की जाएगी, जहाँ दरगाह के गुम्बद पर ताजदार का झंडा लहराकर, अमन, चैन और इंसानियत की दुआ मांगी जाएगी।
उसके पश्चात, सलातो-सलाम की महक में दरगाह गूंजेगी और लंगर का आयोजन होगा, जहाँ हज़ारों जायरीन एक साथ बैठकर बाबा की नेमत में शरीक होंगे। यह लंगर महज़ भोजन नहीं, बल्कि भाईचारे और बराबरी की बुनियाद है।
शाम को, दरगाह की फिजा में रूहानियत अपने शबाब पर होगी। शमा महफिल, कव्वाली, और मिलाद शरीफ के ज़रिए बाबा की तालीमात को सूफियाना अंदाज़ में पेश किया जाएगा — जहां अल्फ़ाज़ सिर्फ़ गीत नहीं होंगे, बल्कि दिलों को जोड़ने वाली दुआओं में तब्दील हो जाएंगे।
हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के चेयरमैन जनाब प्यारे जिया खान, सचिव ताज अहमद राजा, उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र जिचकार, व ट्रस्टीगण हाजी फारुखभाई बावला, गजेंद्रपाल सिंह लोहिया, मुस्तफा भाई टोपीवाला, तथा हाजी इमरान खान ताजी ने समस्त अकीदतमंदों, नागरिकों और सामाजिक बंधुओं से इस पाक मौके पर तशरीफ़ लाकर रूहानी फैयाज़ी पाने की पुरखुलूस गुज़ारिश की है।
यह महज़ एक तिथि नहीं — यह एक जश्न है उस रोशनी का, जिसने हजारों दिलों को अमन, मोहब्बत और इबादत का रास्ता दिखाया।
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