🇮🇳 नेस्ले इंडिया ने भारत की विकास यात्रा को दी नई गति — खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली, अक्टूबर 2025 🏛️ —
नेस्ले इंडिया ने भारत के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और सशक्त करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता वर्ल्ड फूड इंडिया समिट 2025 के दौरान नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
इस अनुबंध के तहत, कंपनी ओडिशा सहित उन सभी स्थानों पर जहां इसकी विनिर्माण इकाइयां मौजूद हैं, ग्रीन फील्ड और ब्राउन फील्ड परियोजनाओं में नए निवेश करेगी।
🗣️ नेस्ले इंडिया के एमडी मनीष तिवारी ने कहा
“यह समझौता भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। आने वाले 2–3 वर्षों में किए जाने वाले निवेश से न केवल प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के विज़न को भी मजबूत करेगा।”
🌱 टिकाऊ और समावेशी विकास की दिशा में कदम
नेस्ले इंडिया ने कहा कि कंपनी का फोकस टिकाऊ, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार खाद्य प्रणालियों के निर्माण पर है।
ब्रांड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के माध्यम से कंपनी आर्थिक प्रगति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके साथ ही, कंपनी नवाचार (Innovation) के ज़रिए उपभोक्ताओं तक अपने उत्पादों और अनुभवों को तेज़ी, दक्षता और बेहतर गुणवत्ता के साथ पहुंचाने पर काम कर रही है।
🤝 भारत के किसानों और सप्लायर्स के साथ मजबूत साझेदारी
नेस्ले इंडिया के कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख, श्री कुंवर हिम्मत सिंह ने कहा —
“भारत में 113 साल से अधिक समय से मौजूद नेस्ले इंडिया आज 100,000 से ज़्यादा किसानों के साथ मिलकर काम कर रही है। इनमें डेयरी, कॉफी, मसाले, गेहूं, गन्ना और चावल के किसान शामिल हैं। हमारी सप्लाई चेन में भी मज़बूत साझेदारी है।”
उन्होंने बताया कि भारत में कंपनी के 9 अत्याधुनिक कारखाने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाते हैं, जो 10,000 वितरकों और 5.2 मिलियन दुकानों के ज़रिए देशभर के उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं।
💖 सामाजिक पहलों से बदले लाखों जीवन
नेस्ले इंडिया की सामाजिक पहलें देशभर में पोषण जागरूकता, शिक्षा, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और भोजन सहायता के क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
कंपनी ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का प्रशिक्षण देकर और गांव गोद लेने की योजनाओं के माध्यम से अब तक 1.6 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
