🌟 सोनी सब के कलाकारों ने साझा की अपनी दिवाली की सबसे प्यारी यादें और पारिवारिक परंपराएँ 🌼
“रोशनी, रिश्तों और कृतज्ञता का त्योहार” – सभी सितारों ने बताया कैसे मनाते हैं अपनी दिवाली
दिवाली — रोशनी का त्योहार — अपने साथ लेकर आती है प्यार, परंपरा और मिलन की अनोखी खुशबू। घर जगमगाते हैं, दिल कृतज्ञता से भरते हैं और मिठाइयों की सुगंध में नए आरंभ की आशा तैरती है। इस अवसर पर, सोनी सब के प्रिय कलाकारों — श्रेनु पारिख, गरिमा परिहार, समृद्ध बावा, नेहा एस.के. मेहता और ऋषि सक्सेना — ने साझा की अपनी दिल को छू लेने वाली दिवाली यादें।
🌺 श्रेनु पारिख (माता पार्वती, गणेश कार्तिकेय)
“मेरे लिए दिवाली हमेशा एकता और परंपरा का प्रतीक रही है। बचपन में दादा-दादी के घर की मिठाइयाँ, मामा के पटाखे, और वाघ बारस की रंगोली — सब कुछ आज भी याद है। अब जब मैं माता पार्वती की भूमिका निभा रही हूँ, दिवाली मुझे और भी दिव्य लगती है।” ✨
🌸 गरिमा परिहार (दीप्ति, पुष्पा इम्पॉसिबल)
“दिवाली मुझे सीधे मेरे बचपन में ले जाती है। दादी के हाथों के लड्डू, कज़िन्स के साथ रंगोली बनाना और आसमान में चमकते पटाखे — ये यादें आज भी दिल को रोशन कर देती हैं।” 🎇
🌼 समृद्ध बावा (अश्विन, पुष्पा इम्पॉसिबल)
“माँ के साथ गुझिया बनाना और घर की सफाई में मदद करना मेरे लिए दिवाली की असली खुशी थी। आज भी मैं चाहूँ तो शूटिंग से वक्त निकालकर परिवार संग आरती करता हूँ। यही सच्ची दिवाली है।” 🪔
🌻 नेहा एस.के. मेहता (हेतल, इत्ती सी खुशी)
“हमारी दिवाली हमेशा सादगी और साथ की रही। वडनगर में, दिवाली का मतलब था हँसी, साझा मिठाइयाँ और पड़ोसियों संग मुस्कुराहटें। आज भी वही अपनापन मेरी सबसे बड़ी पूँजी है।” 💛
🌷 ऋषि सक्सेना (संजय, इत्ती सी खुशी)
“छत पर पटाखे छोड़ना, लक्ष्मी पूजा के बाद परिवार के साथ समय बिताना — यही दिवाली की आत्मा है। आज भी मैं इसे सादगी और कृतज्ञता के साथ मनाता हूँ।” 🌠
✨ देखिए ‘गणेश कार्तिकेय’, ‘इत्ती सी खुशी’ और ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’, सोमवार से शनिवार, सिर्फ सोनी सब पर।
