धर्म की स्थापना के लिए हुआ श्रीकृष्ण का अवतार : युवाचार्य संत विवेक मुनि महाराज

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पटना:-कबीर साईं मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का चौथा दिवस कबीरपंथी आश्रम सद्गुरु कबीर साई मंदिर मीठापुर के प्रांगण में महंत ब्रजेश मुनी महाराज जी के पावन सानिध्य में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा
के आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री श्री रत्नेश सादाजी, तख्त श्री हरि मंदिर साहिब गुरुद्वारा पटना के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गोहर-ए मिस्कीन जी, गुरु चरन सिंह आशीष, सरदार बलराम सिंह मंहत शिवमुनि शास्त्री ने आशीर्वाद प्रदान किया ज्ञान सप्ताह कथा व्यास युवाचार्य संत विवेक मुनि ने भगवान श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए  कहा कि द्वापर युग में जब कंस के अत्याचार से भूमंडल अंकरात था अपने पिता अपनी बहन देवीको और बहनोई वासुदेव जी को भी बंदी बना लिया था अपने आसुरी शक्तियों के साथ जनजीवन को प्रताड़ित कर रहा था ऐसे समय में देवकी के गर्भ से भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी की मध्य रात्रि में हुआ भगवान का जन्म अत्याचार को मिटाकर धर्म की स्थापना के लिए हुआ कृष्ण अवतार।
उस समय महामाया की शक्ति जाग रही थी बंदी गृह की सभी द्वारे स्वतः खुल गए सुरक्षा प्रहरी नींद में सो गए वासुदेव जी ने नवजात शिशु श्रीकृष्ण को लेकर मथुरा से गोकुल लेकर गये वहीं नंद बाबा के घर माहा माया ने यशोदा के घर जन्म लिया था बासुदेव जी ने महाशकि अवतार उस कन्या शिशु को लेकर आ गए जब कंस को पता चला तो वह देवकी के पास आया कन्या की गोद में उठाकर उसे पटाकर मारना चाहा तो कन्या हाथ से छुटकर आकाश में चली गई आकाशवाणी हुई कि तुम्हें मारने वाले अवतार ले लिया है इसके बाद कृष्ण जन्म की बधाइयां गूंजी नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की।  आरती मे आश्रम के  संत अशोक दास, संत महेश मुनी, संत करसन मुनी, समाजसेवी राजकुमार यादव राजू सिंह बिरजू गोप अन्य सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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