माओवादी प्रभावित गढ़चिरौली में आयरन ओर प्लांट को वन मंज़ूरी, 1.23 लाख पेड़ों की कटाई को मिली अनुमति
गढ़चिरौली, महाराष्ट्र — केंद्र सरकार ने माओवादी प्रभावित गढ़चिरौली जिले में आयरन ओर बेनीफिशिएशन प्लांट स्थापित करने के लिए Lloyds Metals and Energy Limited को वन भूमि उपयोग की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 937 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग किया जाएगा और करीब 1.23 लाख पेड़ों की कटाई की जाएगी।
यह अनुमति 12 मई 2025 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की Forest Advisory Committee की सिफारिश के आधार पर दी गई है। परियोजना में खनन की गई निम्न-श्रेणी की लौह अयस्क को स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की सुविधा विकसित की जाएगी।
राज्य सरकार की औद्योगिक विस्तार नीति का हिस्सा
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में गढ़चिरौली ज़िले में खनिज संसाधनों के दोहन के लिए गढ़चिरौली जिला खनन प्राधिकरण की स्थापना की है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कर रहे हैं। गढ़चिरौली जिले में आयरन ओर, चूना पत्थर और हीरे जैसे खनिजों की भरपूर उपलब्धता है।
पर्यावरणीय शर्तें और सामाजिक चिंताएं
वन मंजूरी कुछ शर्तों के साथ दी गई है, जिसमें चरणबद्ध भूमि उपयोग और चिपलून, रत्नागिरी जिले में प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) शामिल है। हालांकि, भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई से पर्यावरणविद चिंतित हैं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आदिवासी इलाकों में इस तरह की परियोजनाओं के सामाजिक प्रभाव पर भी सवाल उठाए हैं।
Lloyds Metals को सुरजगढ़ क्षेत्र में 348 हेक्टेयर में खनन पट्टा पहले ही 2057 तक के लिए मिला हुआ है, लेकिन इस क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के कारण परियोजना को कई बार बाधाओं का सामना करना पड़ा है।
यह परियोजना जहां एक ओर आर्थिक विकास की संभावनाएं ला रही है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर बहस छिड़ गई है।
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