लोकतंत्र पर कुठाराघात — 45 दिनों में चुनावी दस्तावेज नष्ट करने के आदेश, कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
🗣️ नाना पटोले का तीखा सवाल — सरकार क्या छुपाना चाहती है? जनता को देना होगा जवाब!
🔴 कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका, ‘लोकशाही बचाने का यह संघर्ष केवल विपक्ष का नहीं, जनता का है’
नागपुर | महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री नाना पटोले, विधायक विकास ठाकरे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गिरीश पांडव ने आज नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा —
“चुनाव प्रक्रिया देश के लोकतंत्र की आत्मा है। लेकिन 30 मई को चुनाव आयोग द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि चुनाव के महत्वपूर्ण दस्तावेज और वीडियो फुटेज को केवल 45 दिनों के भीतर नष्ट कर दिया जाएगा। यह कदम कहीं से भी लोकतांत्रिक नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र के स्तंभों को कमजोर करने का षड्यंत्र है।”
🔹 हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि चुनाव संबंधी सभी दस्तावेजों को संरक्षित किया जाए ताकि किसी भी न्यायिक प्रक्रिया में उनका उपयोग हो सके। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने मात्र 48 घंटे के भीतर रूल 93 में संशोधन कर नई अधिसूचना जारी कर दी।
🔹 “इतनी हड़बड़ी क्यों? आखिर सरकार क्या छुपाना चाहती है? अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो फिर दस्तावेजों के संरक्षण से परहेज़ क्यों?” — ऐसा सवाल नाना पटोले ने उठाया।
🔸 सुप्रीम कोर्ट में याचिका — कांग्रेस ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ कांग्रेस या विपक्षी दलों का मामला नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक के मत के अधिकार और न्याय के अधिकार से जुड़ा है।
“यह सिर्फ एक राजनीतिक आंदोलन नहीं है, यह भारत के हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है। जनता को इस फैसले के पीछे की सच्चाई जानने का हक है,” — पटोले ने कहा।
📌 ‘सबूत खत्म होंगे तो न्याय कहां से मिलेगा?’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर कोई उम्मीदवार या नागरिक चुनाव के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी या धांधली के खिलाफ अदालत में जाता है, तो उसे प्रमाण जुटाने के लिए कम से कम 25 से 30 दिन का समय लगता है।
“अब अगर 45 दिनों में ही सारे वीडियो फुटेज और दस्तावेज नष्ट कर दिए गए, तो फिर अदालत में न्याय कैसे मिलेगा? क्या यह जनता के न्याय पाने के अधिकार को कुचलने का प्रयास नहीं है?”
🎯 बीजेपी पर करारा हमला
नाना पटोले ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा —
“बीजेपी आज न केवल देश, बल्कि दुनिया का सबसे अमीर राजनीतिक दल बन गया है। पहले यह चाय पार्टी वाले थे, अब बिरयानी पार्टी करने लगे हैं।
📍 ओबीसी मंत्रालय के सवाल पर बोले पटोले
“मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओबीसी मंत्रालय बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने यह कह कर टाल दिया कि इससे प्रशासनिक खर्च बढ़ेगा। तो फिर एयर इंडिया बेचने के बाद भी सिविल एविएशन मंत्रालय क्यों बचा है? उसका खर्च कैसे बढ़ रहा है?”
🔸 फिक्सिंग का आरोप — जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है
पटोले ने देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे के बीच “मैच फिक्सिंग” का आरोप लगाते हुए कहा —
“हिंदी भाषा को मुद्दा बना कर जनता के असली मुद्दों को दबाया जा रहा है। स्कूलों में अभी भी न तो पर्याप्त कक्षाएं हैं, न फर्नीचर है। गरीब बच्चों के लिए शिक्षा की स्थिति दयनीय है। किसानों का धान तो उठा लिया गया, लेकिन अभी तक उनके खातों में पैसे नहीं पहुंचे।”
🚧 गडकरी के सड़क प्रोजेक्ट पर सवाल
“नागपुर में जो सड़कें बनीं, वे 6 महीने में ही खराब हो गई हैं। यह कैसा विकास है?” — उन्होंने पूछा।
🔴 कुल मिलाकर कांग्रेस का कहना है कि —
“यह सरकार लोकतंत्र को गला घोंटने पर आमादा है। चुनाव आयोग भी दबाव में आकर काम कर रहा है। लेकिन कांग्रेस इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ेगी और जनता के बीच जागरूकता अभियान चला कर लोकतंत्र को बचाने का संकल्प पूरा करेगी।”
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