शिक्षा से समाज जागे — श्री नरेंद्र जिचकार ने जन्मदिन पर बच्चों के साथ मनाया ज्ञानोत्सव, दो शैक्षणिक केंद्रों का लोकार्पण

Khozmaster
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🔹 शिक्षा से समाज जागे — श्री नरेंद्र जिचकार ने जन्मदिन पर बच्चों के साथ मनाया ज्ञानोत्सव, दो शैक्षणिक केंद्रों का लोकार्पण 🔹

 

नागपुर, 7 जुलाई

जिस समाज में शिक्षा का दीप जलता है, वहाँ भविष्य स्वयं उज्ज्वल होता है। इसी आदर्श को साकार करते हुए बहुजन विचार मंच के संयोजक श्री नरेंद्र जिचकार ने अपने जन्मदिवस का सारा उत्सव समाज को समर्पित कर दिया। उन्होंने गोंडसभा पाठशाला के विद्यार्थियों के बीच अपना विशेष दिन मनाया और शिक्षा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण केंद्रों का लोकार्पण कर एक नई प्रेरणा का संचार किया।

इस अवसर पर दो नवाचारात्मक पहलें —

👉 “स्व. झुल्लाबाई मडावी (कुमरे) अध्ययन केंद्र”

👉 “पढ़े हम, पढ़ाएँ हम”

ये केंद्र न सिर्फ शिक्षा की भौतिक संरचनाएं हैं, बल्कि वे सपनों को दिशा देने वाले ज्ञानधाम हैं — जो हर उस छात्र के लिए खुले हैं, जो आगे बढ़ना चाहता है, सीखना चाहता है और समाज को भी साथ लेकर चलना चाहता है।

“पढ़े हम, पढ़ाएँ हम” यह विचार न केवल स्वयं के लिए पढ़ने की प्रेरणा देता है, बल्कि दूसरों को सशक्त करने की जिम्मेदारी भी सौंपता है। यह पहल समाज में ज्ञान आधारित सहभागिता और सामूहिक उत्थान का सुंदर उदाहरण है।

इस मौके पर पाठशाला में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब और ई-लायब्ररी का भी उद्घाटन किया गया। इससे अब स्थानीय विद्यार्थी MPSC, UPSC और अन्य स्पर्धा परीक्षाओं की तैयारी अत्याधुनिक संसाधनों के साथ कर सकेंगे।साथ ही, स्कूल भवन का सुंदर नवीनीकरण कर एक प्रेरक और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को सीखने के लिए नई ऊर्जा मिल रही है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित मान्यवरों का मन मोह लिया।

इस विशेष अवसर पर माजी नगरसेवक श्री कमलेश चौधरी, समाजसेवक बाबा वकील व अन्य मान्यवर उपस्थित थे। क्षेत्र के नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर श्री नरेंद्र जिचकार को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और इस जनसरोकार से युक्त कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की।

बहुजन विचार मंच की ओर से सभी नागरिकों से यह विनम्र आह्वान किया गया—

> ❝ आइए, इस ज्ञानयात्रा के सहभागी बनें। शिक्षा के इस प्रकाश में अपना दीप भी जोड़ें। क्योंकि जब समाज पढ़ता है, तभीराष्ट्र आगे बढ़ता है। ❞

 

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