नागपुर में ऐतिहासिक नेशनल पीडियाट्रिक एपिलेप्सी कॉन्क्लेव (NPEC) का भव्य आयोजन
देश की पहली बाल-मिर्गी केंद्रित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव को मिला अंतरराष्ट्रीय मान
नागपुर | भारत में पहली बार आयोजित किए गए नेशनल पीडियाट्रिक एपिलेप्सी कॉन्क्लेव (NPEC) का नागपुर में अत्यंत भव्य और सफल आयोजन संपन्न हुआ। बाल-मिर्गी पर केंद्रित इस ऐतिहासिक शैक्षणिक महोत्सव को इंडियन एपिलेप्सी सोसायटी (IES) की मान्यता प्राप्त हुई, साथ ही इसे एशियन एपिलेप्सी अकैडमी (ASEPA) का सक्रिय सहयोग भी मिला।
इस तीन दिवसीय वैज्ञानिक महोत्सव में भारत और विदेशों से ख्यातनाम विशेषज्ञों ने भाग लिया। जिनमें डॉ. उदानी, डॉ. विनयन, डॉ. डेरिक चान (सिंगापुर), डॉ. केट रायनी (ऑस्ट्रेलिया) और डॉ. सिंधू (मलेशिया) जैसी हस्तियों का विशेष उल्लेख किया गया। इस मंच पर बाल-मिर्गी के निदान, उपचार और नवीन अनुसंधानों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
इस ऐतिहासिक सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. वसंत खलतकर (भारतीय बालरोग संघ – IAP के अध्यक्ष), डॉ. लोकेन्द्र सिंह, और डॉ. प्रमोद गिरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन थे। समापन समारोह में वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ और पूर्व IAP अध्यक्ष डॉ. उदय बोधनकर ने इस प्रकार के केंद्रित आयोजनों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि—”इस तरह के मंच गुणवत्तापूर्ण बाल चिकित्सा सेवा की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।”
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में डॉ. विनीत वानखेडे (अध्यक्ष), डॉ. अमरजीत वाघ (सचिव), डॉ. विलास जाधव और महाAOPN टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। आयोजन समिति ने डॉ. विंकी रुघवानी सहित सभी पदाधिकारियों, मार्गदर्शकों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
यह सम्मेलन नागपुर के चिकित्सा इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है, जहां बाल-मिर्गी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के ज्ञान और अनुभव एक ही मंच पर उपलब्ध हुए। NPEC का यह प्रथम संस्करण बाल चिकित्सा जगत में नई दिशा और प्रेरणा देने वाला सिद्ध हुआ है।

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