अनुसूचित जाति-जनजाति के नागरिकों के लिए वर्षभर आयोजित होगी शिकायत निवारण जनसुनवाई परिषद : ॲड. धर्मपाल मेश्राम
नागपुर, 19 जुलाई – अनुसूचित जाति और जनजाति के नागरिकों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति जनजाति आयोग की ओर से शिकायत निवारण जनसुनवाई परिषद का आयोजन पूरे एक वर्ष तक किया जाएगा। यह विशेष पहल 22 जुलाई 2025 से 22 जुलाई 2026 तक संचालित की जाएगी। इस संबंध में जानकारी आयोग के उपाध्यक्ष ॲड. धर्मपाल मेश्राम ने आज नागपुर में आयोजित पत्रकार परिषद में दी।
रवि भवन में आयोजित इस पत्रकार वार्ता में सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के प्रादेशिक उपायुक्त प्रसाद कुलकर्णी और सहायक आयुक्त सुकेशिनी तेलगोटे भी उपस्थित रहे।
ॲड. मेश्राम ने कहा, “अनुसूचित जाति और जनजाति के नागरिकों की शिकायतों का शीघ्र समाधान हो और अत्याचार निवारण कानून (ॲट्रॉसिटी एक्ट) की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो—इसके लिए जनसुनवाई परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।” उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में आज नागपुर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं तथा ॲट्रॉसिटी कानून के अमल की समीक्षा की गई।
इस पहल की शुरुआत 22 जुलाई को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कन्वेंशन सेंटर, नागपुर में होने वाली जनसुनवाई परिषद से की जाएगी। इसमें नागरिकों को अपनी लंबित शिकायतें प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा और संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा।
“अनुसूचित जाति-जनजाति के समग्र विकास के लिए आयोग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, लेकिन इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है,” ऐसा कहते हुए ॲड. मेश्राम ने समाज के वंचित वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 21 जुलाई को अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं और प्रलंबित ॲट्रॉसिटी मामलों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
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