नारा पार्क आंदोलन को सांसदों का समर्थन, अब लोकसभा में उठेगी आवाज
नागपुर, 21 जुलाई : नागपुर में प्रस्तावित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय पार्क के निर्माण की मांग को लेकर पिछले 292 दिनों से जारी श्रृंखलाबद्ध अनशन को आज एक नई ताकत मिली। रामटेक के सांसद श्याम कुमार बर्वे और अमरावती के सांसद बळवंत वानखेडे ने संयुक्त रूप से अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी यह लड़ाई अब संसद के सदन तक पहुंचेगी।
गौरतलब है कि 1996 में नागपुर सुधार प्रन्यास के नगर रचना विभाग ने इस भूखंड को विकास योजना में शामिल किया था, लेकिन करीब तीन दशक बीत जाने के बाद भी पार्क का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इस मुद्दे को लेकर समिति के अध्यक्ष चंदू पाटील के नेतृत्व में लगातार 292 दिनों से साखळी अनशन जारी है।
अनशन स्थल पर समिति अध्यक्ष चंदू पाटील ने सांसदों के सामने पार्क निर्माण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा, “दीक्षाभूमि पर हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अगर इस जगह पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का आंबेडकर रिसर्च सेंटर, बौद्ध विश्वविद्यालय और विधि विश्वविद्यालय बनाया जाए, तो यह नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और राष्ट्रनिर्माण को नई दिशा देगा।”
इस दौरान सांसद बळवंत वानखेडे ने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाएंगे और पार्क निर्माण के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। रामटेक के सांसद श्याम कुमार बर्वे ने भी लोकसभा में आवाज बुलंद करने का आश्वासन दिया।
भेंट के समय समिति के सलाहकार एडवोकेट शैलेश नारनवरे, गजानन जांगडे, राजेश पाटील, अजय खोब्रागड़े, रवि चव्हाण, शंकर सोमकुवर, डॉ. मोरे, अशोक बोदांडे, आनंद रक्षित, आनंद वाघमारे समेत बड़ी संख्या में समिति सदस्य मौजूद थे। महिलाओं में यमुना रामटेके, रेखा खोब्रागड़े, शशिकला चालखुरे, विजया पाटील, वनिता वालदे, अलका रक्षित, जिजा रामटेके, भारती वानखेडे, सुषमा कांबले और कई अन्य महिलाओं ने भी आंदोलन में सक्रिय सहभाग दर्ज कराया।
समिति ने साफ शब्दों में दोहराया है कि “जब तक भूमिपूजन नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। हम अंतिम दम तक अपनी मांगों के लिए डटे रहेंगे।”
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