गोवारी समाज के नवयुग की शुरुआत: सरकार ने ‘कैलाश राऊत’ के रूप में दिया नया विश्वास, समाज में जागी नई उम्मीद
नागपुर, 22 जुलाई:
गोवारी समाज के सर्वांगीण विकास का एक नया अध्याय सोमवार से आरंभ हुआ, जब महाराष्ट्र सरकार ने कैलाश राऊत को गोवारी समाज अंमलबजावणी एवं नियंत्रण समिति के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) के पद पर नियुक्त किया। नागपुर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय भवन में आयोजित भव्य पदग्रहण समारोह में समाज की उम्मीदों और विश्वास का उत्सव मनाया गया।
इस समारोह में प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित थे पूर्व आदिवासी विकास राज्यमंत्री तथा वर्तमान विधायक आ. परिणय फुके, जिन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के एक नए युग की शुरुआत है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने गोवारी समाज की योजनाओं के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी अब एक संवेदनशील, विचारशील और क्रियाशील नेतृत्व को सौंपी है। “कैलाश राऊत समाज के केवल प्रतिनिधि नहीं, बल्कि संघर्ष से उभरी आत्मगौरव की आवाज़ हैं,” ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया।
समारोह में महाज्योति के प्रबंध संचालक प्रशांत वावगे, प्रादेशिक उपसंचालक विजय वाकुलकर और सहायक संचालक धनराज सहारे भी विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।
आ. फुके ने कहा, “गोवारी समाज दशकों से वंचित और उपेक्षित रहा है। योजनाएँ थीं, लेकिन उन्हें ज़मीन पर उतारने वाला नेतृत्व नहीं था। अब कैलाश राऊत के रूप में समाज को एक कर्मठ और दूरदर्शी नेता मिला है।” उन्होंने आगे कहा, “समाज को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्य चाहिए। योजनाएँ सिर्फ कागजों पर नहीं, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए – और इसके लिए समन्वय, पारदर्शिता और ठोस कार्यप्रणाली आवश्यक है। मुझे विश्वास है कि कैलाश राऊत यह कार्य अत्यंत सक्षम रूप से निभाएँगे।”
“समाज के लिए ‘कृती’ ही हमारी भाषा है” – कैलाश राऊत
अपने भाषण में कैलाश राऊत ने इस नियुक्ति को सम्मान के साथ-साथ समाज के प्रति एक ज़िम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “यह पद मेरे लिए केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त माध्यम है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं सरकार की हर योजना को गोवारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए पूरी शक्ति से कार्य करूंगा। शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय – इन तीन स्तरों पर ठोस पहल करना आज समाज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। हम बैठकों में समय नहीं गँवाएँगे, हमारा मंत्र होगा – कार्य, परिणाम और समाजमुखी परिवर्तन। समाज ने अब तक बहुत वादे सुने हैं, अब समाज को ‘कृती’ चाहिए – और मैं वही विश्वास बनकर उभरूँगा।”
समारोह में प्रमुख अतिथियों द्वारा कैलाश राऊत का भव्य सत्कार किया गया। उपस्थित जनसमूह के उत्साह और तालियों की गूंज के साथ यह समारोह गोवारी समाज के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन गया।
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