महाराष्ट्र के गरीबों को मिला इंसाफ! नागमंदिर बस्ती के किरायपट्टा वितरण की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा हुई समाप्त
मानव कल्याण सामाजिक संस्था के अथक प्रयासों को मिली सफलता; राजस्व मंत्री बावनकुले ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
नागपुर | नागमंदिर बस्ती में रहने वाले गरीब और श्रमिक परिवारों के लिए एक बड़ी राहत और न्याय दिलाने वाली खबर सामने आई है। गोधनी नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाली इस बस्ती में वर्षों से लंबित पड़े किरायपट्टों के वितरण की प्रतीक्षा अब समाप्त हो गई है। मानव कल्याण सामाजिक और सांस्कृतिक बहुउद्देश्यीय संस्था के अध्यक्ष कमलेश सिंह ठाकुर के लगातार प्रयासों को सफलता मिली है। महाराष्ट्र सरकार के राजस्व मंत्री तथा नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने किरायपट्टे वितरित करने के निर्देश जारी किए हैं।
इस बस्ती में पिछले 40 से 50 वर्षों से कई गरीब और मेहनतकश परिवार रह रहे हैं। लेकिन किरायपट्टे न होने के कारण ये परिवार आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं उठा पाए थे। जनवरी 2025 से अब तक करीब 70 निवासियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किए हैं, परंतु गोधनी नगर पंचायत ने अभी तक उन फॉर्म्स को प्रस्तुत नहीं किया।
इस विषय को लेकर विधानसभा सदस्य समीर मेघे ने जिलाधिकारी को पत्र भी दिया था, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः 22 जून को नागपुर में आयोजित जनसुनवाई दरबार में, संस्था अध्यक्ष ठाकुर ने नागमंदिर बस्ती की महिलाओं और नागरिकों के साथ राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के समक्ष यह मुद्दा पुरज़ोर ढंग से उठाया। मंत्री ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए किरायपट्टा वितरण के आदेश दिए।
यह खबर सुनते ही बस्तीवासियों की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। उन्होंने मंत्री बावनकुले का हृदय से आभार व्यक्त किया और संस्था के प्रति कृतज्ञता जताई। उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष कमलेश सिंह ठाकुर ने पिछले आठ महीनों से जोड़पी जंगल क्षेत्र के गरीबों के हक के लिए भी दिन-रात मेहनत की है, जिसकी वजह से यह सामाजिक अभियान सफल हो सका।
यह घटना समाज के वंचित वर्गों के हक में लड़ने वाली सामाजिक संस्थाओं के सच्चे और समर्पित प्रयासों की जीत है, और महाराष्ट्र के ग़रीबों के लिए नवीन आशा की किरण बनकर आई है।
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