🚨 ऑपरेशन फूटपाथ फ्रीडम: क्या ये नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं?
कोराडी रोड स्थित मैक्स हॉस्पिटल के बाहर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
📍 नागपुर | 1 अगस्त 2025
शहर में ट्रैफिक विभाग द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन फूटपाथ फ्रीडम” कई जगहों पर तो सख्ती से लागू होता दिखता है, लेकिन कुछ इलाकों में इसे लेकर भेदभाव के आरोप सामने आ रहे हैं।
सभी ट्रैफिक जोन के अंतर्गत शहर में अतिक्रमण हटाने और फूटपाथ को आम जनता के लिए सुविधा जनक बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रयासरत है। छोटे व्यवसायियों को भी फूटपाथ से हटाया जाता है और वाहन उठाने का कार्य निजी ठेकेदारों के माध्यम से त्वरित रूप से किया जाता है।
लेकिन सवाल तब उठते हैं जब यही नियम कुछ खास प्रतिष्ठानों पर लागू नहीं होते।

🔍 कोराडी रोड पर मैक्स हॉस्पिटल के बाहर की हकीकत
मैक्स हॉस्पिटल के सामने फुटपाथ पूरी तरह से टू-व्हीलर पार्किंग में तब्दील हो चुका है। ये पार्किंग हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों की बताई जाती है। वहीं हॉस्पिटल के गार्ड खुलेआम मरीजों को अंदर पार्किंग में गाड़ी लाने से रोकते हैं।
जब इस बारे में गार्ड से पूछा गया, तो उनका साफ कहना था कि “फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों पर ट्रैफिक विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता।”

❓क्या मैक्स हॉस्पिटल को मिली है कोई खास छूट?
सवाल यही उठता है कि जब छोटे दुकानदारों पर तुरंत कार्रवाई होती है, तो फिर एक बड़े हॉस्पिटल के बाहर नियम क्यों टूटते हैं और कार्रवाई क्यों नहीं होती?
निजी ठेकेदारों द्वारा वाहन उठाने की प्रक्रिया शहरभर में सक्रिय है, पर “रुतबे वाले स्थानों पर” अक्सर ये वाहन और नियम दोनों गायब नजर आते हैं।

📝 KHOZMASTER इस मुद्दे को पहले भी उजागर कर चुका है, लेकिन ट्रैफिक विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
➡️ अब जनता पूछ रही है — ट्रैफिक नियम सबके लिए एक जैसे हैं या किसी के लिए खास छूट?
👉 क्या ट्रैफिक विभाग जवाब देगा कि “फुटपाथ फ्रीडम” कुछ इलाकों तक ही क्यों सीमित है?
👉 क्या बड़े संस्थानों के आगे नियमों की धार कुंद हो जाती है?
