महाराष्ट्र सरकार की बड़ी योजना: वधावन पोर्ट को समृद्धि महामार्ग से जोड़ने के लिए 104 किमी का एक्सप्रेसवे प्रस्तावित
पालघर/इगतपुरी, 4 अगस्त — महाराष्ट्र सरकार राज्य के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) ने पालघर ज़िले में निर्माणाधीन वधावन पोर्ट को मुंबई–नागपुर समृद्धि महामार्ग से जोड़ने के लिए 104 किलोमीटर लंबा एक ग्रीनफील्ड, एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
यह परियोजना अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन इसका रणनीतिक और आर्थिक महत्व अत्यंत व्यापक माना जा रहा है। एक वरिष्ठ एमएसआरडीसी अधिकारी के अनुसार, “एक्सप्रेसवे का संरेखण राज्य सरकार को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत कर दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”
प्रस्तावित मार्ग भरवीर खुर्द (इगतपुरी के निकट) से शुरू होगा और तवा गांव (चारोटी के पास) में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से जुड़ेगा। इसके आगे का खंड राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित किया जाएगा, जो सीधे वधावन पोर्ट तक निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेगा।
अधिकारियों का अनुमान है कि यह कॉरिडोर इगतपुरी से वधावन पोर्ट तक की यात्रा को केवल 1 घंटे 15 मिनट में पूरा करने में सक्षम होगा। इससे न केवल मालवाहक वाहनों की आवाजाही तेज़ होगी, बल्कि मुंबई के भीड़भाड़ वाले मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
इस परियोजना का उद्देश्य वधावन पोर्ट के लिए एक निर्बाध लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है, जिससे समग्र पश्चिमी महाराष्ट्र को समुद्री व्यापार से सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार वधावन पोर्ट के समीप एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित करने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, जो इस क्षेत्र को एक संपूर्ण लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब में बदल सकता है।
एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एक्सप्रेसवे का ठेका तभी जारी किया जाएगा जब वधावन पोर्ट के निर्माण में पर्याप्त प्रगति हो चुकी होगी।
इस महत्वाकांक्षी योजना से महाराष्ट्र को देश के सबसे सशक्त व्यापार गलियारों में से एक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बढ़त मिलने की उम्मीद है।
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