🔍 नागपुर में खाद बिक्री में अनियमितता उजागर!
8 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, 12 मामले कोर्ट में दाखिल
नागपुर : खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर रासायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए शासन प्रयासरत है, लेकिन कुछ कृषि सेवा केंद्रों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई है। इस पर कार्रवाई करते हुए जिला कृषि विभाग ने 8 कृषि सेवा केंद्रों के खाद बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, जबकि 12 मामलों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है।
जिले के लिए 31 अगस्त 2025 तक कुल 42,544 मी. टन यूरिया का आवंटन मंजूर किया गया था, जिसमें से अब तक 48,896 मी. टन यूरिया की आपूर्ति हो चुकी है। इसमें से 36,986 मी. टन यूरिया की बिक्री PoS मशीन के माध्यम से की गई है, जबकि 11,910 मी. टन यूरिया का भंडार शेष है।
हालांकि, कुछ केंद्रों द्वारा PoS मशीन पर दिखाया गया स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। इस पर विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया। माऊली, श्रीकृष्णा, ओम गणेश, रोहित, हिमांशु, वैभव सहित कई केंद्रों की जांच की गई। अनियमितता पाए जाने पर इन केंद्रों के खाद बिक्री के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था :
जिले में यूरिया की किल्लत न हो, इसके लिए 3,550 मी. टन यूरिया का आरक्षित भंडारण तय किया गया था। इसके तहत 3,445 मी. टन यूरिया संरक्षित कर दो चरणों में केंद्रों को वितरित किया गया है।
118 नमूनों में से 16 नमूने अप्रमाणित :
जिले में 1,495 लाइसेंसधारी कृषि सेवा केंद्रों की जांच की जा रही है। अब तक 118 खाद के नमूने जांचे गए, जिनमें से 16 नमूने अप्रमाणित पाए गए। इस संबंध में पुलिस कार्रवाई कर 12 मामले कोर्ट में दाखिल किए गए हैं।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रविंद्र मनोहरे ने बताया, “किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। बिना अनुमति भंडारण या अनियमित बिक्री किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
इस कार्रवाई से जिले के अन्य कृषि सेवा केंद्रों को कड़ा संदेश मिला है। आने वाले समय में किसानों को प्रमाणित और उचित दर पर खाद उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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