विदर्भ राज्य आंदोलन समिती का बड़ा ऐलान — 9 अगस्त को नागपुर में होगा “महाराष्ट्रवादी और विदर्भ विरोधी चले जाओ” आंदोलन

Khozmaster
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विदर्भ राज्य आंदोलन समिती का बड़ा ऐलान — 9 अगस्त को नागपुर में होगा “महाराष्ट्रवादी और विदर्भ विरोधी चले जाओ” आंदोलन

नागपुर, 7 अगस्त 2025 :
विदर्भ राज्य आंदोलन समिती ने आज प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से एक महत्वपूर्ण आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन 9 अगस्त 2025, शनिवार को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक, संविधान चौक, नागपुर में आयोजित किया जाएगा। आंदोलन का नारा होगा — “महाराष्ट्रवादी और विदर्भ विरोधी चले जाओ”।

समिती ने बताया कि यह आंदोलन संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत केंद्र सरकार से स्वतंत्र विदर्भ राज्य के तात्कालिक गठन की मांग को लेकर किया जा रहा है। यह दिवस देश की स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित क्रांति दिन के अवसर पर विशेष रूप से चुना गया है।


🔴 महाराष्ट्र सरकार की आर्थिक बदहाली के आंकड़े:

  • राज्य का राजस्व आय : ₹5,60,963 करोड़

  • 31 मार्च 2025 तक कुल कर्ज : ₹7,82,000 करोड़

  • सिर्फ कर्ज के ब्याज का बोझ : ₹56,727 करोड़

  • बजट मंजूरी के बाद लिया गया अतिरिक्त कर्ज : ₹13,000 करोड़

  • केंद्र सरकार से भविष्य के लिए मांगा गया कर्ज : ₹1,32,000 करोड़

  • 30 सितंबर 2025 तक अनुमानित कुल कर्ज + ब्याज : ₹9,83,787 करोड़

समिती का आरोप है कि ऐसी आर्थिक हालत में महाराष्ट्र सरकार विदर्भ के ₹75,000 करोड़ के विकास अनुशेष (60,000 करोड़ सिंचाई + 15,000 करोड़ अन्य विभाग) को कभी भी पूरा नहीं कर सकती। इसका असर सीधे सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, ऊर्जा, ग्रामीण विकास, आदिवासी कल्याण, सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है।


⚠️ विदर्भ में संकट की स्थिति:

  • सिंचाई क्षमता में कोई वृद्धि नहीं → किसानों की आत्महत्याएं जारी

  • प्रति व्यक्ति आय में कोई बढ़ोतरी नहीं → कुपोषण, मातृ व शिशु मृत्यु

  • थर्मल पावर प्लांटों से प्रदूषण → आधुनिक मशीनरी का अभाव

  • रोजगार की भारी कमी → युवा नक्सलवाद की ओर आकर्षित

  • उद्योग का अभावबेरोजगारी और पलायन

  • राजनीतिक उपेक्षा → 4 विधायक और 1 सांसद की सीटें घट चुकीं

  • न्याय की एकमात्र राह : स्वतंत्र विदर्भ राज्य


📢 पूर्व विदर्भ में होगा बड़ा सम्मेलन – संकल्प मेळावा

विदर्भ की जनता को इस मुद्दे से जोड़ने और आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से, पूर्व विदर्भ में एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया है:

➡️ ‘विदर्भ निर्माण संकल्प मेळावा’
📍 स्थान : यशोदा सभागृह, गोंदिया
📅 तारीख : रविवार, 17 अगस्त 2025
🕛 समय : दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक

समिती ने पूर्व विदर्भ के सभी विदर्भ समर्थक नागरिकों से इस संकल्प मेळावा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आवाज बुलंद करने की भावनात्मक अपील की है।


🧾 प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:

  • अॅड. वामनराव चटप – अध्यक्ष, वि.रा.आं.स., पूर्व विधायक

  • डॉ. श्रीनिवास खांदेवाले – सदस्य  म.आ. वि.रा.आं.स.

  • डॉ. पी.आर. राजपूत – अध्यक्ष, पश्चिम विदर्भ

  • अरुणभाऊ केदार – अध्यक्ष, पूर्व विदर्भ

  • डॉ. रमेशकुमार गजभे – समन्वय समिति सदस्य

  • सुनिलभाऊ चोखारे – उपाध्यक्ष, पूर्व विदर्भ

  • अॅड. सुरेश वानखेडे – उपाध्यक्ष, पश्चिम विदर्भ

  • श्रीमती ज्योती खांडेकर – महानगर अध्यक्षा (महिला आघाड़ी)

  • नरेश निमजे – महानगर अध्यक्ष

  • प्रशांत नखाते – जिला अध्यक्ष, नागपुर

  • प्रशांत तागडे – कार्यालय सचिव

  • गुलाबराय धांडे, गिरीश तितरमये, बाबा राजक – वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता


समिती का स्पष्ट संदेश:

“राज्य सरकार दिवालिया हो चुकी है, और वह विदर्भ को न्याय नहीं दे सकती।
इस अन्याय से मुक्ति का एकमात्र मार्ग — स्वतंत्र विदर्भ राज्य है।
यही हमारा अधिकार है, यही हमारी अंतिम लड़ाई है।”

“चलो नागपुर – अबकी बार विदर्भ राज्य!” आंदोलन 9 अगस्त को संविधान चौक में होगा आयोजित

विदर्भ राज्य निर्माण के समर्थन में एक ऐतिहासिक जनआंदोलन का आयोजन 9 अगस्त 2025, क्रांति दिवस के अवसर पर, नागपुर के संविधान चौक में दोपहर 12 बजे किया जाएगा।
इस आंदोलन में हजारों की संख्या में किसान, बेरोजगार युवा, महिलाएं, बुद्धिजीवी, और सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे। सभी की एक ही माँग होगी — “स्वतंत्र विदर्भ राज्य का निर्माण”।


🧭 आंदोलन के उद्देश्य:

  • किसानों की आत्महत्याएँ रोकने के लिए

  • विदर्भ के समग्र विकास हेतु

  • नक्सलवाद पर नियंत्रण हेतु

  • प्रदूषण और कुपोषण से मुक्ति के लिए

  • बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए

  • और महाराष्ट्र सरकार की आर्थिक असफलताओं के विरोध में


📊 राज्य की आर्थिक बदहाली – आंदोलनकारी दिखाएँगे ठोस आँकड़े:

आर्थिक स्थिति राशि (₹ करोड़ में)
राज्य की कुल आय ₹5,60,963
आवश्यक वार्षिक व्यय ₹6,06,855
बजट घाटा ₹45,892
कुल कर्ज ₹7,82,000
सालाना ब्याज भुगतान ₹56,727
बजट के बाद लिया गया नया कर्ज ₹13,000
केंद्र से माँगी गई कर्ज अनुमति ₹1,32,000

🛑 प्रमुख माँगें जो आंदोलन में उठाई जाएँगी:

  1. विदर्भ राज्य का तुरंत निर्माण किया जाए।

  2. किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी की जाए।

  3. अन्न एवं खाद्य पदार्थों पर लगने वाला GST तत्काल समाप्त किया जाए।

  4. बडनेरा–कारंजा–मंगरुलपीर–वाशिम और खामगांव–जालना रेल मार्गों को तुरंत स्वीकृति दी जाए।

  5. कपास और सोयाबीन की फसलों को मूल्य अंतर सहायता प्रदान की जाए।

  6. सांप के काटने से मृतकों को भी वन्यजीव हमले जैसी सरकारी सहायता दी जाए।

  7. मेळघाट में विश्वविद्यालय की स्थापना तत्काल की जाए।

  8. बल्लारपुर–सुरजागढ़ रेल मार्ग को तुरंत मंज़ूरी और निधि दी जाए।


स्वतंत्र विदर्भ के लाभ भी बताए जाएँगे:

  • कृषि पंपों को 24 घंटे मुफ्त बिजली

  • MPSC के बजाय VPSC (विदर्भ लोक सेवा आयोग) से 100% रोजगार

  • राज्य बनने पर बिजली दरों में 50% की कमी

  • अतिरिक्त बिजली बेचकर ₹45,000 करोड़ का राजस्व

  • 131 अधूरे बाँध पूरे करके किसानों को सिंचाई सुविधा

  • 2 लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती

  • विदर्भ के युवाओं को अपने क्षेत्र में नौकरियाँ मिलेंगी


📉 प्रतियोगी परीक्षाओं में विदर्भ की उपेक्षा होगी उजागर:

परीक्षा पुणे (%) नागपुर (%) अमरावती (%)
राज्य सेवा 50.48 2.66 7.20
कृषि सेवा 61.40 6.00 8.20
वन सेवा 56.14 9.56 3.05
अभियंता सेवा 36.78 14.94 9.19
विक्रय कर विभाग 46.18 4.61 10.81
पुलिस उपनिरीक्षक 51.00 4.00 8.00

🎙 राजनीतिक धोखा उजागर होगा:

  • 1997 में भारतीय जनता पार्टी ने स्वतंत्र विदर्भ प्रस्ताव पारित किया था, फिर भी अटल सरकार ने गठन नहीं किया।

  • 2014 में फिर वादा किया गया, पर सत्ता में आने के बाद चुप्पी साध ली गई।

  • शिवसेना और कांग्रेस की विदर्भ विरोधी मानसिकता को भी उजागर किया जाएगा।

  • सभी 10 विदर्भ के सांसदों से इस्तीफ़ा देने की माँग की जाएगी।


🔊 आंदोलन के नारे जो गूंजेंगे संविधान चौक में:

  • “ना दान चाहिए, ना अनुदान चाहिए – हमें तो बस विदर्भ राज्य चाहिए!”

  • “अबकी बार – विदर्भ राज्य सरकार!”

  • “महाराष्ट्र सरकार विदर्भ विरोधी है!”

  • “बेरोजगारों को रोजगार दो या अलग राज्य दो!”


9 अगस्त 2025 को “चलो नागपुर” आंदोलन स्वतंत्र विदर्भ राज्य की माँग को नई दिशा देगा।
यह दिन केवल विरोध नहीं, बल्कि विदर्भ के पुनर्जन्म की शुरुआत बनेगा।
जनता अब झूठे वादों से नहीं, स्वशासन के अधिकार से अपना भविष्य चुनेगी।

विदर्भ में सिंचाई की भारी कमी और वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना को लेकर गहरी चिंता; केंद्र सरकार से राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग


लोकनायक बापूजी अणे स्मारक समिति ने पत्रकार परिषद में विदर्भ क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं की अधूरी स्थिति और वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना में हो रहे विलंब को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

विदर्भ में सिंचाई की स्थिति

  • पिछले 15 वर्षों में कुल 10.98 लाख हेक्टेयर में से सिर्फ 4.22 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचाई के अंतर्गत आई है, यानी अब तक केवल 40% सिंचाई क्षमता विकसित हुई है।

  • प्रकार 1, 2 और 3 के कई प्रकल्प रद्द, बंद या आज तक शुरू भी नहीं हुए हैं

  • कुल 39 अधूरे या रद्द प्रकल्पों के कारण लगभग 1.40 लाख हेक्टेयर भूमि कभी भी सिंचाई के तहत नहीं आ पाएगी

  • 10 परियोजनाएं पिछले 30 वर्षों से वन विभाग की अनुमति के अभाव में अटकी हुई हैं

  • 2012 से 2023 के बीच स्वीकृत 20,617 करोड़ रुपये में से केवल 14,324 करोड़ रुपये ही विदर्भ में खर्च हुए, जबकि 5,943 करोड़ रुपये अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिए गए

वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना

  • वर्ष 2018 में राष्ट्रीय जल प्राधिकरण द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, परंतु राज्य सरकार ने अब तक इसे स्वीकृति नहीं दी।

  • यदि यह परियोजना समय पर शुरू हुई होती, तो:

    • 3.71 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचाई के दायरे में आती

    • 2133 करोड़ रुपये की कृषि उपज में वृद्धि होती

    • 112 करोड़ रुपये मूल्य का घरेलू उपयोग के लिए पानी उपलब्ध होता

    • 9528 करोड़ रुपये मूल्य का औद्योगिक उपयोग का पानी मिलता

    • 132 करोड़ रुपये का अन्य राजस्व (जैसे नहर वृक्षारोपण, इरिगेशन फी आदि) होता।

    • 1884 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता

    • और 20 लाख रोजगार के अवसर बनते

  • इस परियोजना की लागत पहले 60,000 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 85,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है

केन-बेतवा परियोजना का उदाहरण

  • केंद्र सरकार ने केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया और 90% अनुदान दिया।

  • इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लाखों लोगों को लाभ होगा और कार्य भी प्रारंभ हो चुका है।

मांग

  • वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना को भी राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाए,

  • 90% अनुदान दिया जाए,

  • और परियोजना पर तुरंत काम शुरू किया जाए,
    ऐसी विदर्भ की जनता की ओर से लोकनायक बापूजी अणे स्मारक समिति ने जोरदार मांग की है।

अ‍ॅड. अविनाश काळे ने लोकनायक बापूजी अणे स्मारक समिति की ओर से  प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि, राज्य सरकार की यह टालमटोल की नीति विदर्भ की जनता के साथ एक क्रूर मजाक है, और इसके खिलाफ जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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1 Comment
  • इस अभ्यासपूर्ण, समग्र तथा सुंदर प्रस्तुति के लिए बहुत धन्यवाद और बधाई!

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