अल्पसंख्यक स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करें – 7 दिन में समितियाँ बनाएं : प्यारे ख़ान
नागपुर में राज्य अल्पसंख्यक आयोग की सुनवाई संपन्न, गंभीर शिकायतों पर सख़्त रुख
नागपुर, 7 अगस्त 2025 – महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री प्यारे ख़ान (मंत्री दर्जा) की अध्यक्षता में आज नियोजन भवन, नागपुर में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुखों, मुख्याध्यापकों और विभिन्न विभागीय अधिकारियों की विशेष बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा, पारदर्शी प्रशासन और शिक्षकों की शिकायतों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
7 दिन में अनिवार्य समितियाँ गठित करने का निर्देश
श्री प्यारे ख़ान ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक अल्पसंख्यक स्कूल को अगले 7 दिनों के भीतर सुरक्षा, शिकायत निवारण और शाला व्यवस्थापन से संबंधित अनिवार्य समितियाँ गठित करनी होंगी। यदि रिपोर्ट शालेय शिक्षण विभाग को समय पर नहीं सौंपी गई, तो ऐसे स्कूलों का अल्पसंख्यक दर्जा रद्द किया जाएगा।
बैठक में 16 अप्रैल 2025 के शासन निर्णय का हवाला देते हुए यह बताया गया कि हर शैक्षणिक संस्था में निम्न समितियाँ बनाना अनिवार्य है:
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शाला व्यवस्थापन समिति
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महिला तक्रार निवारण समिति
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विद्यार्थी सुरक्षा समिति
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भौतिक सुविधा विकास समिति

गंभीर शिकायतों पर सख़्त चेतावनी
बैठक के दौरान कुछ उर्दू स्कूलों के शिक्षकों ने संस्थाचालकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए, जैसे वेतन के लिए अतिरिक्त पैसे मांगना, रिश्तेदारों की गैरकानूनी नियुक्तियाँ करना और कार्यरत शिक्षकों को जबरन हटाना।
इन पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री ख़ान ने कहा,
“शिक्षा का स्थान मंदिर होता है, न कि निजी धंधा। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से करेंगे चर्चा
मुख्याध्यापकों ने संचालन संबंधी समस्याओं, परीक्षा प्रक्रियाओं में अड़चनों और अल्पसंख्यक स्कूलों के लिए विशेष निधि की मांग रखी। इस पर आश्वासन देते हुए श्री ख़ान ने कहा,
“आपकी मांगे पूरी तरह जायज़ हैं। मैं स्वयं मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से मिलकर समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाऊंगा।”
विदर्भ की त्वरित शिकायत निवारण पर जोर
इस बैठक के साथ-साथ विदर्भ क्षेत्र से संबंधित लंबित शिकायतों पर सुनवाई भी की गई। कई मामलों में मौके पर ही निर्णय दिए गए, जिससे नागरिकों में संतोष की भावना देखने को मिली।
वक्फ भूमि विवाद में भी बैठक
उमरेड मलकनगर स्थित वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण के मामले में भी आयोग ने सुनवाई की। माजी विधायक श्री राजू पारवे, मेहदीबाग जमात के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में सकारात्मक चर्चा हुई।
श्री ख़ान ने स्पष्ट किया कि
“वक्फ भूमि के मामलों में न्यायसंगत और कानूनी निर्णय लेना आयोग की जिम्मेदारी है। जल्द ही किराया निर्धारण कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”
प्रमुख उपस्थित अधिकारी:
बैठक में शिक्षणाधिकारी निखिल भोयर, उपजिलाधिकारी सचिन गोसावी, शिक्षा अधीक्षक सचिन नाथ, जिला बाल रक्षक समन्वयक प्रसनजीत गायकवाड़, मुश्ताक पठान और गणेश सुरवसे (राज्य अल्पसंख्यक आयोग) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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