उनकी संस्कृत सेवा से उपकृत है कबीर मठ फतुहा – महंथ ब्रजेश मुनि
फतुहा, – आचार्य गद्दी कबीर मठ फतुहा में कबीरपंथ के सतलोकवासी यशस्वी संत आचार्य श्री धर्मस्वरूप साहेब का श्रद्धांजलि सभा आयोजित की मठ के संरक्षक आचार्य महंत ब्रजेश मुनि महाराजने कहा – आचार्य श्री धर्म स्वरूप साहेब जी का आध्यात्मिक जीवन कबीर मठ फतुहा से आरम्भ हुआ था। धर्म स्वरूप साहेव फतुहा के महंथ केशव संस्कृत कालेज कै रिटायर प्रोफेसर थे। उनकी संस्कृत सेवा से उपकृत है कबीर मठ फतुहा संस्कृत के विद्वान एव कबीर साहित्य-दर्शन कै मर्मज्ञ धर्मस्वरूप साहेब ने लंबे समय तक फतुहा कबीर मठ में रहकर कालेज की सेवा की। वे पूर्णिया गाद्दी के आचार्य थे उन्होंने वहां जीवन ज्योति केंद्र की स्थापना की। वर्ष में एक बार कबीर सम्मेलन का आयोजन वे करते थे, उसमें लाखों कबीरपंथी भक्त समाज उसमें सहभागी होते थे।उनके सतलोक गमन से बिहार के कबीरपंथी समाज की जो क्षति हुई है उसकी भरपायी नहीं की जा सकती। किन्तु कबीरपंथ और कबीरपंथियों के हित मे उनका जो काम अधूरा रह गया है उसे पूरा करना ही धर्मस्वरूप साहेब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।सद्गुरु कबीर साहेब की वाणी ‘ऐसी करनी कर चलो हम हँसे जग रोये’। दास कबीर यहि हीरा को परखे। धर्मस्वरूप साहेब ने अपने धर्म, कर्म और व्यवहार से हमे सतनाम धारण करने और सन्मार्ग में कबीरपंथ की परसम्परा को आगे ले जाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार पांडे, प्रोफेसर श्यामसुंदर पांडे, न्यास समिति के सदस्य संत विवेक मुनी, शारदा देवी, अरुण कुमार झा, ऋषिकेश यादव, डॉ लक्ष्मी नारायण, राजेंद्र राणा, चंद्रशेखर सिंह, संत कौशल मुनि, सुनीता पासवान, शशि कुमार, सीता देवी, आदि शेकडो लोग उपस्थित थे
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