नागपुर : बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के 103वें वार्षिक उर्स की भव्य शुरुआत ध्वजारोहण से, श्रद्धा और एकता का अनुपम संगम
नागपुर, 18 जुलाई | विशेष संवाददाता —
मानवता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देने वाले महान सूफी संत हज़रत बाबा सैयद मोहम्मद ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के 103वें वार्षिक उर्स-ए-पाक का शुभारंभ शुक्रवार को ताजबाग दरगाह शरीफ में पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह से हुआ। देशभर से उमड़े हज़ारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।
ध्वजारोहण का यह पवित्र क्षण श्रीमंत राजे रघुजीराव के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सज्जादा नशीन सैयद यूसुफ इक़बाल ताज़ी की सरपरस्ती में, अमीरे शरीअत मुफ़्ती अब्दुल क़ादिर खान, प्रसिद्ध आलिम मौलाना तनवीर हाश्मी (कर्नाटक), ट्रस्ट अध्यक्ष श्री प्यारे ज़िया खान, सचिव ताज़ अहमद राजा, उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र जिचकार, तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
ताजबाग शाही मस्जिद के इमाम खुर्शीद आलम द्वारा कुरआन पाक की तिलावत से आरंभ हुआ यह समारोह श्रद्धा से सराबोर रहा। मंच संचालन ग़यासुद्दीन अशरफी ने किया। स्वागत समारोह में अतिथियों को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
103वां वार्षिक उर्स 29 जुलाई तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 22 जुलाई को सुबह 10 बजे ट्रस्ट कार्यालय से शाही संदल यात्रा निकाली जाएगी — जिसकी तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं।
“ताजबाग को विश्व मानचित्र पर लाने का संकल्प” — ट्रस्ट अध्यक्ष प्यारे ज़िया खान
ध्वजारोहण के पश्चात आयोजित इस्तक़बालिया समारोह में ट्रस्ट के अध्यक्ष प्यारे ज़िया खान ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा —
> “ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि ताजबाग और ताजाबाद के समग्र विकास की ओर भी हमारी पूरी निष्ठा है।”
उन्होंने बताया कि ताजबाग परिसर में जेईई व नीट कोचिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना शीघ्र ही की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा ₹224 करोड़ के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है, जबकि उच्चाधिकार समिति ने ₹96 करोड़ की प्रथम किश्त को पहले ही मंज़ूरी दे दी है। शेष राशि को लेकर प्रक्रिया प्रगति पर है।
84 एकड़ के परिसर में सीमाभिंतियों का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ होगा, जिसे 104वें उर्स से पहले पूर्ण करने का लक्ष्य है। श्री खान ने नागपुर पुलिस, ज़िला प्रशासन व मनपा आयुक्त का विशेष आभार प्रकट करते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार को सराहा।

मौलाना तनवीर हाश्मी के संबोधन के लिए उमड़ा जनसैलाब
उर्स के प्रथम दिवस पर प्रसिद्ध सूफी विद्वान मौलाना तनवीर हाश्मी के विशेष प्रवचन का आयोजन किया गया। उन्होंने बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा—
> “बाबा ताजुद्दीन का जीवन एक जीवंत संदेश है कि धर्म का सर्वोच्च स्वरूप मानवता है।”
हज़ारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मौलाना के विचारों को श्रद्धापूर्वक सुना और भावविभोर हो उठे।
एकता, सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना का पर्व
इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव श्री ताज़ अहमद राजा ने कहा—
> “यह उर्स केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भाईचारे, प्रेम और सहिष्णुता का पर्व है।”
पूर्व मंत्री अनिस अहमद ने भी अपने वक्तव्य में ताजबाग की आध्यात्मिक विरासत और ऐतिहासिक महत्त्व को रेखांकित किया।
🔹 आगामी मुख्य कार्यक्रमों पर एक नज़र:
22 जुलाई: शाही संदल यात्रा — सुबह 10 ब
जे, ट्रस्ट कार्यालय से आरंभ
29 जुलाई: उर्स का समापन समारोह

Users Today : 2