नागपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति में बड़ा घोटाला — SIT गठित, भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई के संकेत🔹
नागपुर, 18 जुलाई 2025 —
नागपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति में सामने आए बहुचर्चित भ्रष्टाचार प्रकरण पर महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की है। आज मंत्रालय, मुंबई में लिए गए निर्णय के तहत शासन निर्णय क्रमांक कृबास 2025/प्र.क्र.233/11-स, दिनांक 18 जुलाई 2025 को यह आदेश जारी किया गया।
इस विशेष जांच पथक (SIT) के अध्यक्ष नागपुर के जिलाधिकारी होंगे, जबकि नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक और सहकारी संस्था के विभागीय सहनिबंधक, छत्रपती संभाजीनगर सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। 30 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
घोटालों की परतें खुलीं
खंडागळे समिति और विशेष लेखा परीक्षक ए.डी. पाटील की रिपोर्ट में करोड़ों रुपये के घोटाले उजागर हुए हैं। विशेष रूप से बकरा मंडी में बीते 20 वर्षों में केवल ₹95,078.14 सेस दर्शाया गया है, जबकि 2014-15, 2018-19 और 2019-20 में सेस शून्य बताया गया। इससे अनुमानतः ₹40 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है, जिसमें 51 दलाल, तत्कालीन सचिव और संचालक मंडल की मिलीभगत सामने आई है।
ए.डी. पाटील की 50 पृष्ठों की रिपोर्ट में बताया गया कि संचालक मंडल ने नियमों की अनदेखी कर अपने रिश्तेदारों को गाले आवंटित किए और स्वयं अध्यक्ष ने अधिकार न होते हुए भी नियमविरुद्ध रजिस्ट्री कराई, जिन्हें अब रद्द किए जाने की संभावना है।
राजेश भुसारी – भ्रष्टाचार का मुख्य चेहरा?
पूर्व सचिव राजेश भुसारी बीते 20 वर्षों से अधिक समय तक समिति में एक ही पद पर बने रहे। उनके तबादले भी बार-बार रद्द होते रहे। उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। बकरा मंडी घोटाले में उनकी भूमिका अत्यंत संदिग्ध पाई गई है। विधानसभा में मंत्री महोदय ने उनकी पेंशन रोकने और सम्पत्ति की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
विभागीय सहनिबंधक पर लापरवाही का आरोप
विभागीय सहनिबंधक, नागपुर द्वारा उच्च न्यायालय की याचिका संख्या 2432 व 2359/2018 के आदेशों के बावजूद अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। सुनवाई के बाद डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद आदेश जारी नहीं किया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि विभागीय सहनिबंधक ने जानबूझकर संचालक मंडल व पूर्व सचिव के पक्ष में कार्य किया। मंत्री महोदय ने घोषणा की है कि उन्हें शो कॉज़ नोटिस भेजा जाएगा।
सरकारी वकीलों का पैनल भंग करने की मांग
इतने स्पष्ट प्रमाणों के बावजूद स्थगनादेश हटवाने में सरकारी वकीलों की विफलता पर आक्रोश जताते हुए विधायक कृष्णा खोपडे ने विधानसभा में वकीलों के मौजूदा पैनल को भंग कर नए वकीलों की नियुक्ति की मांग की। उन्होंने ही 15 जुलाई को नियम 105 के अंतर्गत ध्यानाकर्षण क्र. 1686 के माध्यम से यह विषय सदन में उठाया था।
राष्ट्रीय मान्यता की ओर नागपुर मंडी
इस प्रकरण में सख्त कार्रवाई से नागपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जल्द ही यह समिति राष्ट्रीय स्तर की नामांकित कृषि बाजार समिति बन सकती है।
विधानसभा में उठी मुखर आवाजें
इस चर्चा में विधायक प्रवीण डटके और विधायक आशीष देशमुख ने भी भाग लेते हुए सरकार को कठोर कार्रवाई के लिए प्रेरित किया।
नागपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति के भ्रष्टाचार मामले में SIT का गठन राज्य सरकार की गंभीर मंशा को दर्शाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोषियों के खिलाफ शीघ्र ही कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य शासन की भ्रष्टाचार विरोधी नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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