हर अंग की उम्र होती है अलग: वैज्ञानिकों ने किया जैविक उम्र का बड़ा खुलासा

Khozmaster
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📰 हर अंग की उम्र होती है अलग: वैज्ञानिकों ने किया जैविक उम्र का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली | 4 अगस्त 2025 — क्या शरीर का कोई अंग उम्र बढ़ने से लगभग पूरी तरह सुरक्षित रहता है? हाल ही में एक रिपोर्ट ने दावा किया कि कोई अंग 20% या 80% तक उम्र से अप्रभावित रहता है। लेकिन वैज्ञानिक शोध इस बात को सिरे से खारिज करते हैं।

नवीनतम अध्ययनों में यह पाया गया है कि शरीर के विभिन्न अंग—जैसे मस्तिष्क, दिल, फेफड़े, किडनी और प्रतिरक्षा तंत्र—एक ही व्यक्ति में भी अलग-अलग गति से “बूढ़े” होते हैं। वैज्ञानिकों ने ब्लड बायोमार्कर और प्रोटीन संकेतकों के आधार पर हर अंग की “जैविक उम्र” मापने की तकनीक विकसित की है।

उम्र का असर हर अंग पर अलग-अलग

शोध के अनुसार, 50 वर्ष से अधिक उम्र के हर पांच में से एक व्यक्ति में कम से कम एक ऐसा अंग होता है जिसकी जैविक उम्र उसकी वास्तविक उम्र से कहीं अधिक होती है। यह खोज बताती है कि कोई भी अंग उम्र से पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता, भले ही उसकी उम्र बढ़ने की गति कम हो।

सबसे संवेदनशील हैं मस्तिष्क और प्रतिरक्षा तंत्र

विशेषज्ञों के अनुसार, मस्तिष्क की उम्र व्यक्ति की मानसिक सेहत, अल्जाइमर के खतरे और यहां तक कि मृत्यु दर का सबसे बड़ा संकेतक है। तेजी से बूढ़ा होता मस्तिष्क न केवल याददाश्त को प्रभावित करता है, बल्कि जीवन की कुल अवधि को भी घटा सकता है।

दूसरी ओर, प्रतिरक्षा तंत्र की उम्र बढ़ने को “इनफ्लमैजिंग” कहा जाता है — यह एक धीमी लेकिन लगातार सूजन की प्रक्रिया है, जो बुढ़ापे से जुड़ी बीमारियों की जड़ मानी जाती है।

दिल, फेफड़े और किडनी की उम्र भी बताती है जोखिम

तेजी से उम्र बढ़ाते अंगों में दिल, फेफड़े और किडनी भी शामिल हैं। इनकी उम्र बढ़ने से संबंधित बीमारियों जैसे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, सीओपीडी, फेफड़े का कैंसर, मधुमेह और किडनी फेल्योर की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

आपकी जीवनशैली तय करती है अंगों की उम्र

शरीर की उम्र सिर्फ जन्मतिथि से तय नहीं होती — बल्कि खानपान, व्यायाम, तनाव, नींद और अनुवांशिकता जैविक उम्र को प्रभावित करते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया विशेष रूप से 45 से 55 वर्ष के बीच तेजी पकड़ती है, जब आंतरिक अंगों में प्रोटीन स्तरों में बड़े बदलाव देखे जाते हैं।

🔍 अस्वीकरण:

यह लेख केवल जानकारी और जनजागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले अपने चिकित्सक या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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