करोड़ों की जमीन ऋण धोखाधड़ी का भंडाफोड़, फर्जी दस्तावेज और बहुरूपियों का इस्तेमाल कर बैंकों से लूटे करोड़ों

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चेन्नई में करोड़ों की जमीन ऋण धोखाधड़ी का भंडाफोड़, फर्जी दस्तावेज और बहुरूपियों का इस्तेमाल कर बैंकों से लूटे करोड़ों

सेंट्रल क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, कई गिरफ्तारियां, बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध

🗓️ 05 अगस्त 2025 | चेन्नई ब्यूरो


चेन्नई: ग्रेटर चेन्नई सिटी पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने एक बड़े जमीन संबंधी ऋण धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट ने शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित खाली या लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी संपत्तियों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये के ऋण फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बैंकों से प्राप्त किए।

ऐसे चल रहा था करोड़ों का खेल

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उन संपत्तियों को चुनता था जिन पर पिछले 25 वर्षों से कोई कानूनी लेन-देन दर्ज नहीं हुआ था। इसके बाद फर्जी विक्रय अनुबंध तैयार किए जाते थे और बहुरूपिए पुराने मालिकों या उनके वारिसों के रूप में पेश किए जाते थे।

एक मामले में, अल्वरपेट के व्यवसायी ताराचंद की संपत्ति को निशाना बनाया गया। उनकी 3,662 वर्गफुट की संपत्ति, जो उनकी दिवंगत मां रुक्मणी के नाम थी, को एक फर्जी बिक्री समझौते के माध्यम से बेच दिया गया। जब ताराचंद ने खुद ऋण के लिए आवेदन करना चाहा, तब उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि उनकी संपत्ति पहले ही ₹3.03 करोड़ के ऋण न चुका पाने के कारण नीलाम हो चुकी थी।


फर्जीवाड़े की पूरी साजिश ऐसे रची गई

  • 2019 में रुक्मणी की मृत्यु के बाद, गिरोह ने एक महिला को उनके रूप में पेश किया।

  • 2020 में एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई, जिसमें टी.एस. राजशेखर को अधिकृत बताया गया।

  • इसके बाद संपत्ति को जयरामन और कलैसेल्वी (कथित चावल व्यापारी) के नाम पर बेच दिया गया।

  • इन दस्तावेजों के आधार पर, सलेम की एक निजी बैंक से ₹3.03 करोड़ का ऋण लिया गया।

  • गिरोह ने कुछ महीनों तक EMI चुकाई, फिर सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए और दस्तावेज़ फर्जी पाए गए।


अब तक ये गिरफ्तारियां हुईं

  • कलैसेल्वी (60 वर्ष) को दो महीने पहले गिरफ्तार किया गया।

  • उनके पति जयरामन की मृत्यु हो चुकी है।

  • श्रीधर (60) और उनका बेटा प्रससंत भी गिरफ्तार हुए हैं।

  • हाल ही में टी.एस. राजशेखर उर्फ किरण राज (47) और कुमार (43) को भी गिरफ्तार किया गया।

  • पुलिस ने फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है।


अन्य पीड़ित: एनआरआई से लेकर शोलिंगनल्लूर के दंपति तक

पुलिस ने व्हाट्सएप चैट और बैंक ट्रांजैक्शन खंगालने के बाद पाया कि यह गिरोह कई अन्य मामलों में भी लिप्त था।

  • दुबई में रहने वाले एनआरआई शियास पुथुवीतिल और उनकी पत्नी हसीनी के साथ भी यही धोखाधड़ी की गई।

  • शोलिंगनल्लूर के रमेश उल्ला और भारती उल्ला के नाम की 9,000 वर्गफुट जमीन के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और कानूनी वारिस प्रमाणपत्र बनाकर ₹5 करोड़ का ऋण प्राप्त किया गया।


बैंक कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “कई मामलों में KYC विवरण पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं। इससे यह आशंका गहराई है कि बैंक के अंदर से भी सहायता मिली हो सकती है। जांच जारी है।”


🔍 CCB की जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव

चेन्नई सिटी पुलिस कमिश्नर ए. अरुण ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है और विभिन्न बैंकों के साथ मिलकर दस्तावेजों की वैधता की पुष्टि कर रही है।


📌 यह घोटाला चेतावनी है उन सभी संपत्ति मालिकों के लिए जो वर्षों से अपनी संपत्ति से अनजान हैं। ऐसे मामलों से सतर्क रहना अब और भी जरूरी हो गया है।

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