🛑 10 साल से कर रहा था सिजेरियन ऑपरेशन, निकला फर्जी डॉक्टर!
असम के सिलचर में बड़ा फर्जीवाड़ा, पुलक मलाकार गिरफ्तार; MBBS की फर्जी डिग्री के दम पर चल रहा था निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस
📍 स्थान: सिलचर, असम
🗓️ तारीख: 5 अगस्त 2025
📌 मुख्य बिंदु
पुलक मलाकार ने 50 से अधिक सी-सेक्शन और स्त्री रोग सर्जरी कीं
MBBS की फर्जी डिग्री ओडिशा के सरकारी मेडिकल कॉलेज के नाम पर
बराक वैली में सक्रिय फर्जी डिग्री रैकेट की आशंका
आरोपी को 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया
राज्य सरकार की एंटी-क्वैकरी सेल की जांच से हुआ पर्दाफाश
असम के सिलचर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां पुलक मलाकार नामक व्यक्ति को फर्जी डॉक्टर होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसने बीते 10 वर्षों में 50 से अधिक ऑपरेशन किए, जिनमें अधिकतर सी-सेक्शन और महिला रोग संबंधी सर्जरी शामिल थीं।
पुलिस के मुताबिक, मलाकार एक समय अस्पतालों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम करता था। बाद में उसने एक फर्जी MBBS सर्टिफिकेट के दम पर खुद को गायनेकोलॉजिस्ट बताकर प्रैक्टिस शुरू कर दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नुमल महत्ता ने बताया,
> “हमने दस्तावेजों की जांच की और पाया कि उसकी सभी डिग्रियां नकली थीं। वह ओडिशा के एक मेडिकल कॉलेज से फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर सिलचर के दो निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहा था।”
🚔 ऑपरेशन थिएटर से सीधे थाने की रवानगी
पुलिस टीम ने मलाकार को ऑपरेशन थिएटर में एक महिला की सर्जरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
🕵️♂️ बराक वैली में फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट की जांच जारी
पुलिस को शक है कि एक बड़ा रैकेट फर्जी मेडिकल डिग्रियों का कारोबार बराक वैली क्षेत्र से चला रहा है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने कहा,
> “इस मामले की तह तक जाएंगे। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
🛡️ राज्य सरकार की सक्रियता: एंटी-क्वैकरी सेल की बड़ी कामयाबी
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार ने जनवरी 2025 में ‘एंटी-क्वैकरी एंड विजिलेंस सेल’ का गठन किया था। इस विशेष इकाई ने अब तक 10 से अधिक फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है।
इस सेल का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में धोखाधड़ी पर लगाम लगाना और मरीजों को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा प्रदान करना है।
📚 पृष्ठभूमि: काले जादू और झोलाछापों के खिलाफ कड़ा कानून
2024 में राज्य विधानसभा ने ‘The Assam Healing (Prevention of Evil) Practices Bill’ पारित किया था, जिससे झोलाछाप डॉक्टरों और जादुई इलाज करने वालों पर कड़ा शिकंजा कसा गया है।
⚠️ निष्कर्ष: मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था, विशेषकर निजी अस्पतालों की डिग्री जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार अब इन अस्पतालों की भूमिका की जांच कर रही है — आखिर कैसे बिना मान्यता प्राप्त डिग्री के एक व्यक्ति 10 साल तक मरीजों का इलाज करता रहा?
Users Today : 23