☀️ नागपुर बनेगा सौर इनगॉट-वेफर उत्पादन का प्रमुख केंद्र : देवेंद्र फडणवीस
🔹 वारी एनर्जी के 10 गीगावॉट एकीकृत प्रोजेक्ट का भूमिपूजन
📍 नागपुर, 14 मार्च : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने कहा कि नागपुर में स्थापित होने जा रहा सौर इनगॉट और वेफर उत्पादन संकुल देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे नागपुर की पहचान सौर ऊर्जा उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में बनेगी।

🏭 अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में Waaree Energies Limited द्वारा भारत का सबसे बड़ा 10 गीगावॉट क्षमता वाला एकीकृत इनगॉट-वेफर उत्पादन प्रकल्प स्थापित किया जा रहा है। इस प्रकल्प का भूमिपूजन मुख्यमंत्री फडणवीस के हस्ते किया गया।

👥 इस अवसर पर
▪️ वित्त व नियोजन राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल
▪️ गृह राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर
▪️ कंपनी अध्यक्ष हितेशभाई दोशी
▪️ सांसद श्यामकुमार बर्वे
▪️ विधायक समीर मेघे
सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

💰 यह प्रकल्प लगभग 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से 300 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। इससे करीब 2,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में इस प्रकल्प में 30,000 करोड़ रुपये तक निवेश होने की संभावना है।
🌏 मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक इनगॉट और वेफर का उत्पादन मुख्यतः चीन में होता था, लेकिन नागपुर में यह उत्पादन शुरू होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मजबूत होगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देश में मंजूर किए गए 7 सौर प्रकल्पों में से 4 महाराष्ट्र में स्थापित हो रहे हैं।
⚡ राज्य सरकार की सौर योजनाओं के तहत 16,000 मेगावॉट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है, जिसमें से अब तक 5,000 मेगावॉट उत्पादन शुरू हो चुका है। सौर ऊर्जा से प्रदूषण कम होगा और बिजली दरों में भी कमी आएगी।
🗣️ कंपनी अध्यक्ष हितेशभाई दोशी ने बताया कि वारी एनर्जी 25 देशों में निर्यात करती है और दुनिया भर में 10,000 से अधिक प्रकल्प स्थापित कर चुकी है। नागपुर का यह प्रकल्प अगले 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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