पेंच नदी के पवित्र जल कलश का पूजन, मंत्री बावनकुळे ने दी शुभकामनाएँ
नागपुर, 24 अप्रैल: महाराष्ट्र को सूखा-मुक्त और जल साक्षर बनाने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग द्वारा “गोदा से नर्मदा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जलयात्रा अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत नागपुर जिले की पेंच और सूर नदियों से पवित्र जल एकत्र कर कलश के रूप में श्री क्षेत्र महेश्वर भेजा जा रहा है।
महसूल मंत्री एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने पेंच नदी के पवित्र जल कलश का विधिवत पूजन कर इसे जल संसाधन विभाग की मुख्य अभियंता सोनाली चोपड़े को सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर द्वारा किए गए जल प्रबंधन और समाजहित के कार्य आज भी प्रेरणादायी हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
यह जलयात्रा 25 से 29 अप्रैल के बीच आयोजित की जाएगी। यात्रा की शुरुआत अहिल्यादेवी होलकर के जन्मस्थान चोंडी (जिला अहिल्यानगर) और गोदावरी नदी के उद्गम स्थल त्र्यंबकेश्वर से एक साथ होगी। महाराष्ट्र के 30 नदी घाटियों से पवित्र जल एकत्र कर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
इस अभियान में लगभग 500 जलयात्री भाग ले रहे हैं। सभी स्थानों से एकत्रित जल और चोंडी की पवित्र मिट्टी को शिर्डी में एकत्र किया जाएगा, जिसके बाद इसे श्री क्षेत्र महेश्वर भेजा जाएगा।
इसके साथ ही, राज्य के वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री एडवोकेट आशीष जायसवाल ने रामटेक क्षेत्र की सूर नदी के पवित्र जल कलश को कार्यकारी अभियंता अनीता पराते को सौंपा। इस अवसर पर मौदा नगराध्यक्ष प्रसन्ना तिडके सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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