बालसंस्कार शिबिर 2025 की उत्साहपूर्ण शुरुआत
पालकों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर
नागपुर: एडुसन फाउंडेशन की ओर से आयोजित “बालसंस्कार शिबिर – 2025” का शुभारंभ उत्साह और जोश से हुआ। इस शिबिर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्य, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का संस्कारात्मक वातावरण तैयार करना है।
14 सितंबर को हुए उद्घाटन अवसर पर पालकों के लिए एक विशेष मार्गदर्शन सत्र रखा गया। शिबिर के संयोजक डॉ. निलेश काळे ने इस दौरान विस्तार से जानकारी देते हुए कहा – “संस्कार ही सच्ची शिक्षा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि पांच सत्रों में आयोजित यह शिबिर प्रत्येक रविवार को होगा, जिसमें बच्चों को खेल, योग, कथाकथन, कला व हस्तकला, बौद्धिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का लाभ मिलेगा।
मुख्य अतिथि के रूप में मीडिया के संपर्क मित्र देवराव प्रधान उपस्थित रहे, जबकि विशेष अतिथि के तौर पर प्रताप काशीकर और दिलीप तांदळे मंच पर मौजूद थे। अतिथियों ने बालसंस्कार शिबिर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पालकों से इस पहल का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
प्रताप काशीकर ने बच्चों और पालकों से संवाद करते हुए कहा कि – “आज की व्यस्त दिनचर्या में बच्चों में चारित्र्य और संस्कारों का विकास बेहद आवश्यक है, और यह कार्य ऐसे शिबिरों से ही संभव है।”
कार्यक्रम का संचालन संस्था की सह-संचालिका सरोज काळे ने किया। इस अवसर पर नरेश हिवसे और डॉ. हरीश वानखेडे ने भी अपने विचार व्यक्त कर शिबिर की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।


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