1.53 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर — दलाली की गारंटी पर खरीदे गए माल को गुपचुप बेचा; कारोबारी पवन बाछुका पर गंभीर आपराधिक मामला दर्ज
नागपुर (प्रतिनिधि) | तहसील पुलिस थाना क्षेत्र से बड़ी खबर
दलाल की गारंटी पर खरीदे गए कपास गांठों को एक अन्य कंपनी को गुपचुप बेचकर लगभग ₹1 करोड़ 53 लाख 87 हजार 554 रुपये की ठगी का संगीन मामला सामने आया है। इस संबंध में दयाल कॉटस्पिन, अकोला के संचालक पवन जगदीशप्रसाद बाछुका के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, मानहानि, धमकी और अभद्र व्यवहार जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दलाली के भरोसे का दुरुपयोग
जगन्नाथ बुधवार रोड, इतवारी, नागपुर निवासी सुनीलकुमार बिहारीलाल जायसवाल (आयु 57 वर्ष) कपास दलाली के व्यवसाय से जुड़े हैं। वे तिरुपति कॉटन इंडस्ट्रीज, परतवाड़ा और दयाल कॉटस्पिन, अकोला के बीच लेन-देन में दलाल की भूमिका निभा रहे थे। सौदे की सभी शर्तें पूरी कराने की जिम्मेदारी जायसवाल की थी।
प्रारंभ में, पवन बाछुका ने जायसवाल की गारंटी पर तिरुपति कॉटन इंडस्ट्रीज से माल खरीदा और समय पर भुगतान कर दोनों पक्षों का विश्वास अर्जित किया। लेकिन 8 जनवरी 2023 से 10 जनवरी 2025 की अवधि में उन्होंने फिर से माल खरीदा और उसी माल का एक नया बिल बनाकर उसे ई-कॉम एग्रो कमोडिटीज एंड जनरल LLP, बेंगलुरु (दक्षिण कोरिया आधारित कंपनी) को बेच दिया। इस सौदे से मिली पूरी राशि खुद रख ली, और असली विक्रेता कंपनी को एक पैसा भी नहीं दिया।
झूठे आश्वासन और धमकियों का सहारा
जब सुनील जायसवाल ने पैसे को लेकर सवाल किया, तब पवन बाछुका ने जानबूझकर झूठ बोला कि अभी तक कोई भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने लगातार टालमटोल की, झूठे वादे किए और जवाब देने से कतराते रहे। जब जायसवाल ने दोबारा सख्ती से पूछताछ की, तो बाछुका ने अश्लील गालियां दीं और “देख लूंगा” जैसी धमकी दी।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, जांच जारी
फरियादी की शिकायत और प्राथमिक जांच के आधार पर तहसील पुलिस थाने के उपनिरीक्षक श्री सिरसाठ ने आरोपी पवन बाछुका के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं —
धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात),धारा 409 (धोखाधड़ी द्वारा अपहरण),धारा 420 (ठगी),धारा 500 (मानहानि),धारा 504 (जानबूझकर अपमान),धारा 506(2) (गंभीर धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और शीघ्र ही गिरफ्तारी की संभावना है।
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