नागपुर ट्रैफिक पुलिस पर झूठे आरोपों का षड्यंत्र बेनकाब — सोशल मीडिया पर अभद्र वीडियो वायरल करने वाले युवक पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
नागपुर, 1 अगस्त 2025:
नागपुर ट्रैफिक विभाग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। एक युवक द्वारा जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो वायरल कर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ झूठा प्रचार किया गया, जिसके बाद उसके विरुद्ध एवं वीडियो प्रसारित करने वाले प्लेटफ़ॉर्म के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
घटना का विवरण: मानवीय आधार पर लिया गया निर्णय बना झूठे प्रचार का माध्यम
दिनांक 1 अगस्त को दोपहर लगभग 1:25 बजे, वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस निरीक्षक श्री सुहास चौधरी अपने कार्यालय में कार्यरत थे। इसी दौरान एक महिला उनके पास आई और उसने बताया कि उसका वाहन (MH 49 BT 7697) नो-पार्किंग में खड़ा होने के कारण टो कर लिया गया है। उसे अर्जेंट किसी ज़रूरी कार्य से बाहर जाना है, अतः उसने वाहन छोड़ने की विनती की।
पुलिस निरीक्षक चौधरी ने परिस्थितियों को देखते हुए और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए वाहन को चालान कर के, लेकिन बिना फाइन वसूल किए छोड़े जाने के निर्देश दिए। यह निर्देश व्ही.आई.पी.एल. कंपनी के अधिकृत कर्मचारी प्रशांत मेश्राम को दिया गया, जो उस समय टोइंग का कार्य देख रहे थे।
भ्रामक वीडियो: झूठा प्रचार और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल
इसी बीच महिला के साथ आया युवक विनोद कल्याणी टो कर्मचारी से बहस करने लगा और ट्रैफिक चालान मशीन निजी कर्मचारी के पास होने पर सवाल उठाने लगा। पुलिस निरीक्षक ने उसे शांति से समझाया कि चालान मशीन व्ही.आई.पी.एल. कंपनी की है, और वह व्यक्ति उसी कंपनी का अधिकृत कर्मचारी है।
लेकिन युवक ने तर्क स्वीकार करने से इनकार किया और फिर मोबाइल निकालकर वीडियो शूट करने लगा। इस वीडियो में उसने पुलिस अधिकारियों को “xxxx”, “xxxxx”, “xxxx” जैसे अपमानजनक शब्दों से गाली दी और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। बाद में दोनों (महिला और युवक) वाहन लेकर चले गए।
‘हे बावा, नागपुर’ इंस्टाग्राम पेज पर वीडियो किया गया वायरल
शाम लगभग 4 बजे जानकारी मिली कि आरोपी विनोद कल्याणी ने यह आपत्तिजनक वीडियो इंस्टाग्राम पेज “हे बावा, नागपुर” पर अपलोड कर दिया। वीडियो में जानबूझकर असत्य बातें प्रस्तुत की गईं और यह दर्शाने की कोशिश की गई कि ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का उल्लंघन किया है, जबकि हकीकत इसके ठीक विपरीत थी।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज – पुलिस की प्रतिष्ठा के खिलाफ साजिश
पुलिस निरीक्षक सुहास चौधरी की शिकायत पर गिट्टीखदान पुलिस स्टेशन में आरोपी विनोद कल्याणी, उसके साथ की महिला, तथा इंस्टाग्राम पेज “हे बावा, नागपुर” के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है:
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भारतीय दंड संहिता की धाराएं: 295, 224, 353, 505(2)
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सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा: 67
पुलिस की अपील – झूठे वीडियो को न करें साझा
नागपुर ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे झूठे, भ्रामक और अपमानजनक वीडियो को आगे न बढ़ाएं।
यह वीडियो न केवल असत्य है, बल्कि शासकीय प्रक्रिया में बाधा डालने और अधिकारियों की छवि को धूमिल करने का एक प्रयास है।
सार्वजनिक जिम्मेदारी आवश्यक – सोशल मीडिया का करें जिम्मेदारी से प्रयोग
पुलिस विभाग स्पष्ट करता है कि वीडियो में किए गए सभी दावे झूठे हैं और वास्तविकता को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। ऐसी हरकतें कानूनन दंडनीय हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के प्रयासों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
📢 नागपुर पुलिस – जनता की सेवा में, सत्य और न्याय के साथ प्रतिबद्ध।
🛑 सच्चाई जाने बिना किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।
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