कोंढाळी में सनसनीखेज़ हत्याकांड – नागपुर ग्रामीण पुलिस ने 24 घंटे में किया बड़ा खुलासा, तीन आरोपी सलाखों के पीछे
कौशलपूर्ण और तेज़ कार्रवाई से पुलिस ने पेश की मिसाल; कबाड़ व्यापारी की साज़िश में हुआ मख्खनसिंह का बेरहमी से कत्ल
नागपुर ग्रामीण – नागपुर ग्रामीण पुलिस ने एक बार फिर अपनी त्वरित कार्रवाई से साबित कर दिया है कि अपराधियों को कानून के शिकंजे से बच निकलने का कोई रास्ता नहीं है। कोंढाळी पुलिस थाना, स्थानीय अपराध शाखा और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने महज़ 24 घंटे में 38 वर्षीय मख्खनसिंह रंजीतसिंह बावरी की हत्या का सनसनीखेज़ मामला सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे खुली हत्या की गुत्थी?
31 जुलाई को मख्खनसिंह की पत्नी लक्ष्मीकौर ने पति के घर से न लौटने की शिकायत कोंढाळी पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। जांच के दौरान उनकी मोटरसाइकिल वर्धा रोड पर राहाटी गांव के पास बरामद हुई। 1 अगस्त की दोपहर, शिरमी डिपो शिवार के झाड़ियों में मख्खनसिंह का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर विशेष जांच दल का गठन किया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तेज़ कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के नेतृत्व में, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के और उपविभागीय अधिकारी बापुर रोहोम के मार्गदर्शन में पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित कर कौशलपूर्ण पूछताछ से साज़िश का पूरा खुलासा किया।
गिरफ्तार आरोपी और हत्या का कारण
1️⃣ रियाज़ अली रफ़तुल्ला अली (19, तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश)
2️⃣ राहुल सरबजीत गौतम (20, बस्ती, सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश)
3️⃣ चंद्रभान उर्फ़ चुन्नीलाल बाबूराम चौधरी (28, पत्रा बाज़ार, सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश)
पुलिस जांच में सामने आया कि चुन्नीलाल चौधरी, जो कबाड़ का व्यवसाय करता है, ने मृतक मख्खनसिंह से ब्याज पर तीन लाख रुपये लिए थे। पैसे लौटाने से इनकार करने पर दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ। पैसे हड़पने की नीयत से चुन्नीलाल ने अपने साथी रियाज़ अली, राहुल गौतम और एक नाबालिग के साथ मिलकर साज़िश रची।
उन्होंने मख्खनसिंह को धोखे से उसकी ही मोटरसाइकिल पर बैठाकर शिरमी डिपो शिवार तक ले जाकर बेरहमी से हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और मोटरसाइकिल को नाले में डाल दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
कानून के शिकंजे से बच नहीं पाए आरोपी
कौशलपूर्ण जांच, तकनीकी सबूतों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महज़ 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का भंडाफोड़ किया गया। इस कामयाबी से नागपुर ग्रामीण पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि अपराध चाहे कितना भी संगीन क्यों न हो, अपराधियों को कड़ी सज़ा दिलाने में पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मामले की आगे की जांच कोंढाळी पुलिस के मार्गदर्शन में तेज़ी से जारी है।
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