📰 नागपुर महापालिका की प्रभाग रचना पर 115 आपत्तियों की सुनवाई 9 सितंबर 2025, अंतिम तस्वीर होगी साफ
नागपुर : नागपुर महानगरपालिका के आगामी सार्वत्रिक चुनावों के लिए घोषित 38 प्रभागों की प्रारूप रचना पर कुल 115 आपत्तियाँ और सुझाव दर्ज किए गए हैं। इनमें राजनीतिक दलों, पूर्व पदाधिकारियों, नगरसेवकों, संगठनों और नागरिकों की ओर से आपत्तियाँ शामिल हैं।
मुख्य मुद्दों में प्रभाग सीमांकन को लेकर असहमति, विधानसभा क्षेत्र की सीमाओं की अनदेखी तथा कुछ वस्तियों को गलत प्रभागों में जोड़ने पर सवाल उठाए गए हैं।
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एक आपत्ति में कहा गया है कि नेहरूनगर ज़ोन का हिस्सा होने के बावजूद अबु मियां नगर जैसे इलाके वाठोड़ा प्रभाग में जोड़े गए हैं। मांग की गई है कि इन्हें पहले की तरह प्रभाग 23 में रखा जाए और इसके स्थान पर रमणा मारोती परिसर वाठोड़ा प्रभाग में जोड़ा जाए।
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दूसरी आपत्ति में कहा गया है कि मौजा दिघोरी और मौजा वाठोड़ा की सीमा का पालन नहीं हुआ। वाठोड़ा क्षेत्र पूर्व नागपुर विधानसभा में आता है, फिर भी ओरेंजनगर के लगभग 200 मतदाताओं को प्रभाग 28 में जोड़ा गया है। वहीं दिघोरी प्रभाग दक्षिण नागपुर विधानसभा में आता है, और इसमें मौजा बहादुरा का ग्रामीण हिस्सा जोड़ा गया है, जिसे हटाने की मांग हुई है।
कई पूर्व नगरसेवकों ने भी इस रचना पर आपत्ति जताई है। कुछ का आरोप है कि यह रचना एक विशेष राजनीतिक दल के हित में तैयार की गई ।
इन सभी 115 आपत्तियों की सुनवाई मंगलवार, 9 सितंबर 2025 को सुबह 11 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज प्रशासकीय इमारत स्थित आयुक्त सभागृह में होगी। महाराष्ट्र शासन ने महाराष्ट्र मेट्रो रेल के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। मनपा आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजित चौधरी भी मौजूद रहेंगे।
सुनवाई पूरी होने तक प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके बाद अंतिम प्रभाग रचना पर तस्वीर साफ होगी, जिसका नागपुर शहर बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
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