महाराष्ट्र भारत के भविष्य का ‘पावर हाउस’ : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ⚡

Khozmaster
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महाराष्ट्र भारत के भविष्य का ‘पावर हाउस’ : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

दावोस के पहले ही दिन 14.50 लाख करोड़ रुपये के 19 निवेश समझौते

15 लाख रोजगार अवसर, आईटी, डाटा सेंटर और हरित ऊर्जा में बड़ी भागीदारी

दावोस | 20 जनवरी :
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस कथन को वैश्विक मंच पर मजबूती मिली कि महाराष्ट्र भारत के उद्योग और निवेश का गेटवे है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की दावोस में चल रही वार्षिक बैठक के पहले ही दिन महाराष्ट्र ने 14 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौते कर इतिहास रच दिया। इन निवेशों से राज्य में करीब 15 लाख रोजगार अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत की प्रमुख उपस्थिति में महाराष्ट्र सरकार के उद्योग, निवेश और सेवा विभाग के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ 19 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।


राज्यभर में उद्योग विस्तार को गति 🚀

ये निवेश हरित ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात निर्माण, आईटी-आईटीईएस, डाटा सेंटर, ईवी-ऑटोमोबाइल, जहाज निर्माण और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में होंगे।
मुंबई के साथ-साथ रत्नागिरी, पालघर, गडचिरोली और अहिल्यानगर जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।


महाराष्ट्र पैवेलियन बना वैश्विक आकर्षण केंद्र 🌍

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत तथा विभिन्न विभागों का प्रतिनिधिमंडल दावोस में उपस्थित है। पहले दिन से ही वैश्विक उद्योग समूहों ने महाराष्ट्र में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई, जिससे महाराष्ट्र पैवेलियन में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने उद्योग मंत्री की उपस्थिति में महाराष्ट्र पैवेलियन का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा,

“महाराष्ट्र भविष्य को आकार देने के लिए तैयार, भरोसेमंद और दीर्घकालिक भागीदार है। भारत के भविष्य के पावर हाउस के रूप में महाराष्ट्र आज विश्व उद्योग जगत को आमंत्रित कर रहा है।”


‘वॉर रूम’ से होगी समझौतों की निगरानी 🏗️

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और निवेशकों द्वारा दिखाए गए विश्वास को बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

“सभी निवेश समझौतों की प्रगति पर वॉर रूम के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। उद्योगों को आवश्यक सुविधाएँ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराई जाएँगी,” उन्होंने स्पष्ट किया।

उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि इस वर्ष पिछले वर्ष से अधिक निवेश और रोजगार समझौते होंगे।


मुंबई-एमएमआर में सर्कुलर इकोनॉमी पर फोकस ♻️

मुंबई में ठोस कचरा प्रबंधन, वायु एवं जल गुणवत्ता नियंत्रण के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल विकसित किया जा रहा है।
एमएमआर क्षेत्र के समग्र विकास और तीसरी मुंबई के निर्माण हेतु आर्थिक सलाहकार समिति द्वारा रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे उच्च वेतन वाली नौकरियाँ सृजित होंगी।


अगले दो दिनों में और बड़े निवेश करार संभव 📈

दावोस में आगामी दो दिनों के दौरान एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, शिपबिल्डिंग, ईवी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में और भी निवेश समझौते होने की संभावना है।


प्रमुख निवेश समझौते 📄

  • महाराष्ट्र सरकार – कार्लसबर्ग
    क्षेत्र: खाद्य प्रसंस्करण | निवेश: ₹500 करोड़ | रोजगार: 750

  • महाराष्ट्र सरकार – योकी ग्रीन एनर्जी प्रा. लि.
    क्षेत्र: नवीकरणीय ऊर्जा | निवेश: ₹4,000 करोड़ | रोजगार: 6,000 | स्थान: पालघर/एमएमआर

  • महाराष्ट्र सरकार – सुरजागढ़ इस्पात
    क्षेत्र: इस्पात | निवेश: ₹20,000 करोड़ | रोजगार: 8,000 | स्थान: गडचिरोली

  • महाराष्ट्र सरकार – लोढ़ा डेवलपर्स
    क्षेत्र: आईटी, डाटा सेंटर्स | निवेश: ₹1 लाख करोड़ | रोजगार: 1.5 लाख

  • एमएमआरडीए – वैश्विक निवेश समूह
    क्षेत्र: लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट | निवेश: अरबों डॉलर | रोजगार: लाखों


MAITRI कक्ष से निवेश को बढ़ावा 🤝

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित MAITRI (महाराष्ट्र उद्योग, व्यापार एवं निवेश सुविधा कक्ष) के कारण निवेश प्रक्रिया सरल हुई है, जिससे महाराष्ट्र निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

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