30 मार्च से 4 अप्रैल के बीच राज्य में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बारिश का नया दौर

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30 मार्च से 4 अप्रैल के बीच राज्य में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बारिश का नया दौर

किसानों को कटी हुई फसलों को बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से सुरक्षित रखने की सलाह

मुंबई, 28 मार्च : 30 मार्च से राज्य में मौसम बदलने वाला है और दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान है। 30 मार्च को खासतौर पर खानदेश, मराठवाड़ा, पश्चिम विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में बिजली की कड़क, तेज हवाएं, बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं, विदर्भ के अन्य हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

31 मार्च को 30 मार्च की तुलना में बारिश की तीव्रता कुछ कम रहने की संभावना है, लेकिन इन क्षेत्रों में मौसम अस्थिर बना रह सकता है और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके बाद 1 से 4 अप्रैल के बीच फिर से आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इस दौरान मध्य महाराष्ट्र, खानदेश, मराठवाड़ा और विदर्भ के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, दोपहर के बाद तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आने वाले दिनों में मौसम को ध्यान में रखते हुए अपने कृषि कार्यों की योजना बनाएं। वर्तमान में रबी फसलों की कटाई जारी है, इसलिए कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें या ढककर रखें, ताकि बारिश, तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि से नुकसान न हो।

साथ ही, मेघगर्जना और बिजली गिरने के दौरान नागरिकों और किसानों को खुद की और अपने पशुओं की सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। ऐसे समय में पेड़ों के नीचे, टीन शेड के नीचे, बिजली के ट्रांसफॉर्मर, खंभों और विद्युत लाइनों के पास खड़े होने से बचने की अपील की गई है।

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