मात्र 5 घंटे में दो लापता मूक-बधिर बच्चों को सुरक्षित खोज निकालने में वाठोड़ा पुलिस को अभूतपूर्व सफलता

Khozmaster
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मात्र 5 घंटे में दो लापता मूक-बधिर बच्चों को सुरक्षित खोज निकालने में वाठोड़ा पुलिस को अभूतपूर्व सफलता

दिनांक 22 जून 2025 की शाम को वाठोड़ा पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत आराधना नगर, बिडगांव से दो मासूम मूक-बधिर बच्चे – एक 6 वर्षीय बालक एवं एक 5 वर्षीय बालिका – अचानक घर के बाहर से लापता हो गए। दोनों बच्चे बिहार राज्य से कुछ दिन पूर्व अपने रिश्तेदारों के साथ यहाँ आए थे और क्षेत्र से अनजान थे।

बच्चोंकी गुमशुदगी की सूचना मिलते ही वाठोड़ा पुलिस ने अत्यंत संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर संपूर्ण पुलिस यंत्रणा सक्रिय की गई। पुलिस आयुक्त माननीय श्री रविंद्रकुमार सिंघल, सह पुलिस आयुक्त श्री नवीनचंद्र रेड्डी, अपर पुलिस आयुक्त श्री शिवाजी राठौड़, तथा प्रभारी उपायुक्त श्री माकणिकर द्वारा तत्काल खोजबीन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

तेज़, समन्वित और तकनीक-सहायित कार्रवाई:

बच्चों के फोटो और हुलिए को तत्काल नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्रसारित किया गया और व्हाट्सऐप तथा अन्य माध्यमों से शहरभर में साझा किया गया।

वाठोड़ा सहित आसपास के थानों की टीमें सक्रिय की गईं।

पुलिस गाड़ियों के पब्लिक अड्रेस सिस्टम से नागरिकों को सतर्क किया गया और सहयोग की अपील की गई।

बीट मार्शल और खोजी दलों ने पूरे क्षेत्र में बच्चों की तस्वीरें दिखाते हुए सघन तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान, रेलवे पुल के समीप एक महिला ने शाम 6 बजे के आसपास उन दोनों बच्चों को पानी के पास खेलते हुए देखे जाने की पक्की जानकारी दी। पानी के किनारे बच्चों के पैरों के निशान मिलने से डूबने की आशंका हुई। पुलिस ने तत्क्षण एचडीआरएफ टीम को बुलाया तथा साहसी नागरिक गुड्डू शेवणे की मदद से पानी में तलाशी अभियान चलाया गया। सौभाग्यवश, वहां बच्चे नहीं मिले।

सफलता की ओर निर्णायक मोड़:

रात लगभग 2:30 बजे एक स्थानीय नागरिक से सूचना प्राप्त हुई कि छात्रपुर फार्म की दिशा में बच्चों को देखा गया है। पुलिस व नागरिकों की टीम ने तत्परता से कार्रवाई की। अंततः, दोनों बच्चे रेलवे ट्रैक पर चलते हुए सकुशल मिल गए। वे गलती से विपरीत दिशा में 2–3 किलोमीटर दूर निकल गए थे, क्योंकि उन्हें घर वापसी का रास्ता नहीं पता था।

सुरक्षित वापसी पर छाया हर्षोल्लास:

दोनों बच्चों को सकुशल देखकर परिजन, नागरिक व पुलिसकर्मी अत्यंत भावुक हो उठे। खोज अभियान में जुटे सभी लोगों ने खुशी और राहत का जश्न मनाया।

इस खोज अभियान में योगदान देने वाले प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी:

श्री नरेंद्र हिवरे (सहायक पुलिस आयुक्त, सक्करदरा विभाग)

श्री हरीश बोराडे (वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक)

पु.उ.नि. माधव गुंडेकर, कृष्णा साळुंखे, अमोल पाटिल, अतुल पवार

पुलिस जवान: सुनील वानखेडे, कैलास चकोले, जितेंद्र मनगटे, प्रफुल वाघमारे, मनोहर बागायतगर, महेंद्र लाडे, विशाल चहांदे, रामू चितरमारे

स्थानीय नागरिकों का अतुलनीय सहयोग:

सचिन ढोमणे, प्रज्वल वासनिक, संतोष रॉय, दिनेश कातुरे, कैलास टाले, सतीश बर्डे, महेश केशरवाणी सहित अनेक नागरिकों ने दिन-रात एक कर बच्चों की तलाश में भाग लिया। विशेष उल्लेखनीय योगदान श्री गुड्डू शेवणे का रहा, जिन्होंने रात के समय पानी में उतरकर तलाशी का साहसिक कार्य किया।

स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री अशिष मल्लेवार एवं श्रीमती अवंतीका लेकुरवाळे ने भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग दिया।

यह अभियान इस बात का प्रतीक है कि जब पुलिस, नागरिक और प्रशासन एकजुट होते हैं, तब कोई भी चुनौती असंभव नहीं रह जाती। दोनों मूक-बधिर मासूमों की रात के अंधेरे में हुई सफल खोज इस बात का जीवंत प्रमाण है। समय पर कार्रवाई और सामूहिक प्रयासों से एक संभावित त्रासदी टल गई।

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