✨📰 नागपुर : सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति के विरोध में आम आदमी पार्टी का “झोपा काढा आंदोलन” ✨
📍 नागपुर | 21 अगस्त 2025
महाराष्ट्र में सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत, 👩🏫 शिक्षकों की भारी कमी और 💸 शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ आम आदमी पार्टी, नागपुर ने गुरुवार को शिक्षा उपसंचालक कार्यालय, धंतोली के सामने “झोपा काढा आंदोलन” किया। यह आंदोलन पूरी तरह ✊ शांतिपूर्ण और सांकेतिक तरीके से आयोजित किया गया।
🏫 स्कूलों की दयनीय स्थिति
राज्य के कई सरकारी स्कूलों में आज भी 🚰 पीने का स्वच्छ पानी, 🚻 शौचालय, 💡 बिजली, 🪑 बेंच और 🧹 साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
कई भवन इतने जर्जर हैं कि 🌧️ बरसात के मौसम में छत टपकती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
👩🏫 शिक्षकों की भारी कमी
शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है।
📌 एक ही शिक्षक को कई कक्षाओं का जिम्मा उठाना पड़ता है।
📌 ग्रामीण इलाकों में छात्र महीनों तक बिना शिक्षक के पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
👉 इसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
⚠️ भ्रष्टाचार पर सवाल
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार गहराई तक फैला है।
📖 किताबों, 👕 यूनिफॉर्म, 🍲 मिड-डे मील और 🏚️ स्कूल मरम्मत जैसे क्षेत्रों में अनियमितताएँ लगातार सामने आ रही हैं।
सरकारी बजट और योजनाओं का लाभ असली छात्रों तक नहीं पहुँच पा रहा है।
🌟 दिल्ली मॉडल का उल्लेख
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भूषण ढाकूळकर (महाराष्ट्र प्रदेश संगठन सचिव) ने कहा—
“दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च स्तर तक पहुँचाया। 🏫 सभी सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया गया, शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क की गई और हर बच्चे को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराई गई। महाराष्ट्र सरकार को भी दिल्ली मॉडल से प्रेरणा लेनी चाहिए।”
📢 आम आदमी पार्टी की प्रमुख माँगें
✅ सभी सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएँ तुरंत उपलब्ध कराई जाएँ।
✅ रिक्त पदों पर तत्काल शिक्षक नियुक्त किए जाएँ।
✅ शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाकर भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई की जाए।
👥 इस आंदोलन में डॉ. शाहिद अली जाफरी (महाराष्ट्र प्रदेश सचिव) तथा डॉ. अमेय ई. नारनवरे (महासचिव, आम आदमी पार्टी नागपुर) सहित कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



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