नागपुर में ध्वनि प्रदूषण पर जनजागृति कार्यक्रम सम्पन्न

Khozmaster
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📰 नागपुर में ध्वनि प्रदूषण पर जनजागृति कार्यक्रम सम्पन्न

नागपुर, 25 अगस्त – भारतीय मौसम विज्ञान सोसायटी (IMS) नागपुर चैप्टर, वनराई फाउंडेशन और प्रेस क्लब नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को “ध्वनि प्रदूषण पर जनजागृति कार्यक्रम” का आयोजन प्रेस क्लब, सिविल लाइंस नागपुर में किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने ध्वनि प्रदूषण के खतरों तथा इसके समाधान पर अपने विचार व्यक्त किए।

प्रस्तावना रखते हुए IMS नागपुर चैप्टर के सचिव डॉ. रविंद्र अक्रे ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण अदृश्य होते हुए भी बेहद खतरनाक है। इसका असर सभी पर होता है, विशेषकर छोटे बच्चों पर। DJ की आवाज़ 100 डेसिबल तक पहुँच जाती है, जबकि 60 डेसिबल से अधिक ध्वनि मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने सुझाव दिया कि Silent Zones की पहचान कर वहाँ कड़े नियम लागू किए जाएँ और जागरूकता के लिए बैनर व बोर्ड लगाए जाएँ।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंगल (IPS) ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण मानसिक और शारीरिक संतुलन बिगाड़ देता है। नागपुर पुलिस ने अब तक 1000 से अधिक लाउडस्पीकर हटाए हैं। उन्होंने बताया कि “ऑपरेशन U-turn” से सड़क दुर्घटनाओं में 70 प्रतिशत तक कमी आई है, वहीं “ऑपरेशन थंडर” और “ऑपरेशन शक्ति” के जरिए नशा व अपराधों पर नियंत्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण केवल सरकार या पुलिस का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

श्री शिरीष भोरकर ने कहा कि सभी प्रकार के कानून बने हुए हैं, लेकिन उन्हें लागू करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। अनावश्यक हॉर्न बजाना लोगों की गुस्से और चिंता का प्रतीक है। Silent Zones जैसे कोर्ट, स्कूल और अस्पतालों में निर्धारित ध्वनि-सीमा का पालन सख्ती से होना चाहिए।

भारतीय हवामान खाते के डॉ. श्रीकांत ने बताया कि Noise सीधे स्वास्थ्य असंतुलन से जुड़ा हुआ है। यह नींद, पढ़ाई और मानसिक शांति को प्रभावित करता है। Crackers व DJ पर निर्धारित सीमा का पालन करना आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वनराई फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. गिरीश गांधी ने कहा कि Noise pollution का संकट हमने स्वयं पैदा किया है। स्वतंत्रता का अर्थ केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी लेना भी है। उन्होंने कहा कि हमें आत्ममंथन करना होगा और सामूहिक प्रयासों से ही इस संकट से निपटा जा सकता है।

वनराई फाउंडेशन के सचिव श्री निलेश खंडेकर ने कहा कि यह कार्यक्रम समाजहित में अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रत्येक नागरिक को Noise Pollution रोकने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

📌 कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, नागरिक, पत्रकार और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए जागरूकता फैलाएँगे और स्वयं भी इसका पालन करेंगे।

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