नवजात शिशु को “डम्मा” देने वाली महिला पर FIR
अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज – पेट पर दिए थे 30 से 35 चटके
अमरावती/हरिसाल : अमरावती जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक महिला ने अंधविश्वास के चलते नवजात शिशु के पेट पर अगरबत्ती से 30 से 35 चटके (डम्मा) दिए, जिससे शिशु गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय महिला ने हरिसाल के अस्पताल में बेटे को जन्म दिया। डॉक्टरों ने बताया कि शिशु के पेट में जन्म से ही सूजन है और माँ का दूध पिलाने से यह समस्या ठीक हो जाएगी।
लेकिन 26 अगस्त की सुबह, जब पीड़िता का पति और ससुर खेत में गए थे, तभी गाँव की महिला रमकू रज्जू सोकाम (40 वर्ष) घर पहुँची। उसने कहा कि बच्चे की पेट की सूजन केवल चटके देने से ही ठीक होगी। इसके बाद उसने अगरबत्ती से शिशु के पेट पर 30 से 35 बार चटके लगाए और दावा किया कि बच्चा अब स्वस्थ हो जाएगा।
इसके बजाय, शिशु गंभीर रूप से घायल हो गया। मामला सामने आने के बाद 4 सितंबर को पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने महिला के खिलाफ महाराष्ट्र मानव बलि, अमानवीय और अघोरी प्रथा तथा जादूटोना प्रतिबंधक अधिनियम, 2013 के तहत FIR दर्ज की।
Users Today : 15