नागपुर : राजस्व सेवकों की प्रेस कॉन्फ्रेंस – चतुर्थ श्रेणी दर्जा की माँग पर आंदोलन जारी 🚩
नागपुर, 3 अक्टूबर 2025 :
विदर्भ राजस्व सेवक संघटना के अध्यक्ष रविंद्र बोदेले, कार्याध्यक्ष मंगेश जांभूळकर, राज्य उपाध्यक्ष गोपाल ठवरे, योगेश शेडमाके, सरचिटणीस दीपक रेवतकर, उपाध्यक्ष रोशन जोगवे, सचिव स्वराज जिलटे और सभी जिला अध्यक्षों ने आज नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
इस अवसर पर संघटना के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्यभर के लगभग 7-8 हज़ार राजस्व सेवक पिछले 18 दिनों से संविधान चौक, नागपुर में आंदोलनरत हैं। उनका ऐतिहासिक और एकमात्र मांग – चतुर्थ श्रेणी दर्जा – अब तक पूरी नहीं हुई।
आंदोलन की समयरेखा और पृष्ठभूमि
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10 सितम्बर 2025 – सभी तालुकों में काली पट्टी बांधकर विरोध की शुरुआत।
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11 सितम्बर 2025 – तहसील कार्यालयों में एक दिवसीय लक्षवेधी धरणे।
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12 सितम्बर 2025 – सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि माँग पूरी नहीं हुई तो संविधान चौक, नागपुर में बेमियादी आंदोलन होगा।
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13 सितम्बर 2025 – नागपुर में संविधान चौक पर राज्यव्यापी आंदोलन प्रारंभ।
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15 सितम्बर 2025 – मुसलधार बारिश और बिजली कड़कने के बावजूद आंदोलन जारी।
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03 अक्टूबर 2025 – आंदोलन 18वें दिन भी जारी। सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
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04 अक्टूबर 2025 से – आमरण अनशन की चेतावनी।
राजस्व सेवकों की जिम्मेदारियाँ (37 कार्य)
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तलाठी को राजस्व वसूली व वायदा जमा करने में सहयोग।
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तहसील, मंडल और जिलाधिकारी कार्यालयों में चौकीदार/शिपाई की रात्रि ड्यूटी।
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तलाठी कार्यालय की साफ-सफाई, रेकॉर्ड और नोटिस/पत्रों का प्रबंधन।
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वरिष्ठ कार्यालयों में शिपाई कार्य।
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आपदा प्रबंधन में सहयोग – बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि।
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वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दिए गए कार्यों का पालन।
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चुनाव कार्य – मतदान केंद्र व्यवस्था, मतदाता स्लिप वितरण, पोलिंग पार्टी सहयोग।
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पुलिस और न्यायालय संबंधी पंच कार्य।
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सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार और जनजागरण।
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महिला एवं जनसुरक्षा अभियान, टीकाकरण अभियान में सहयोग।
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धार्मिक/सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
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राष्ट्रीय और राज्य दिवस कार्यक्रमों की तैयारी और आयोजन।
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अभिलेखागार में रिकॉर्ड स्कैनिंग और अपडेट।
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अवैध गौण खनिज निरीक्षण।
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श्रावणबाल, विधवा, दिव्यांग आदि लाभार्थियों की नोटिस तामील।
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आधार सीडिंग और ऑनलाइन NSA पी लाभार्थियों की जानकारी।
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वनहक पट्टा, सात-बारा वितरण में वरिष्ठ अधिकारी की मदद।
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तलाठी द्वारा सुझाए गए प्रमाणपत्र, दाखले, सरकारी जानकारी तैयार करना।
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पीएम-किसान योजना लाभार्थियों की जानकारी एकत्र करना।
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मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे में सहयोग।
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नदीकाठ के गाँवों में बाढ़ की स्थिति की रिपोर्टिंग।
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तहसील कार्यालयों में विभागीय समन्स, नोटिस तामील और डाक वितरण।
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गाँवों में कानून-व्यवस्था संबंधी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देना।
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सड़क, शिवपांदन और अंतर्गत पांदन की जानकारी जुटाना।
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झुडपी जंगल, बड़े वृक्ष, पहाड़, आमराई इत्यादि सरकारी जमीन की जानकारी।
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गाँवों के गौण खनिज जैसे रेत, मुरूम, माटी, दगड़ आदि की देखरेख।
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खेत-खलिहान में विवादों में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना।
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चौपालों को साफ रखना, ई-पिक योजना संबंधी जानकारी देना।
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ई-पिक जानकारी ऑनलाइन अपडेट करना।
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मुनादी के जरिए गाँव में जनजागरण।
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पर्जन्यमान माप, बारिश का डेटा वरिष्ठ कार्यालय को रिपोर्ट करना।
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वरिष्ठ अधिकारी के मौखिक/लेखित आदेशों का पालन।
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अतिवृष्टि/बाढ़ में ग्रामीण घरों और पशुओं का पंचनामा।
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चुनाव केंद्र पर मतदाता व्यवस्था और पोलिंग पार्टी सहयोग।
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वरिष्ठ कार्यालयों के नोटिस, पत्र, आदेश तामील करना।
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वनहक पट्टा / सात-बारा वाटप मोजणी में मदद।
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शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों तक सूचना पहुँचाना।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख बातें
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अध्यक्ष रविंद्र बोदेले ने कहा –
“ऊँच-नीच मौसम, बारिश या धूप – कुछ भी हो, जब तक हमें चतुर्थ श्रेणी दर्जा नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।”
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कार्याध्यक्ष मंगेश जांभूळकर ने बताया कि राज्यभर के सभी राजस्व सेवक राजनीतिक दबाव या कोई भी बाधा झेलने को तैयार हैं।
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संघटना ने मीडिया के माध्यम से जनता और सरकार से समर्थन एवं ध्यान देने की अपील की।
सरकार को चेतावनी
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4 अक्टूबर 2025 से आमरण अनशन शुरू होगा।
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मांगपत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री श्री अजित पवार, श्री एकनाथ शिंदे और राजस्व व वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।
📢 राजस्व सेवक संविधान चौक पर डटे हुए हैं। उनका आंदोलन केवल “मानधन” का नहीं, बल्कि सम्मान से जीने और मेहनत के अनुसार दर्जा देने का अधिकार है। जब तक सरकार इस ऐतिहासिक मांग को मान्यता नहीं देती, आंदोलन जारी रहेगा।
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