जागरूकता बढ़ाएं, जीवन बचाएं: विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर महत्वपूर्ण अपील
टीकाकरण, जांच और जागरूकता – यही है हेपेटाइटिस मुक्त भविष्य की चाबी।” – डॉ. पियूष मरुडवार
26 जुलाई 2025
28 जुलाई को मनाया जाने वाला विश्व हेपेटाइटिस दिवस वायरल हेपेटाइटिस के बारे में जागरूकता बढ़ाने और रोकथाम, निदान तथा उपचार के महत्व को रेखांकित करने का एक वैश्विक अभियान है। यह दिन नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. बारुच ब्लमबर्ग की जयंती पर मनाया जाता है, जिन्होंने हेपेटाइटिस-बी वायरस की खोज की और इसकी वैक्सीन विकसित की।
इस अवसर पर प्रख्यात लिवर विशेषज्ञ डॉ. पियूष मरुडवार ने नागरिकों से अपील की कि हेपेटाइटिस के खतरे को समझें, समय पर जांच कराएं और टीकाकरण सुनिश्चित करें – यही हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
हेपेटाइटिस के बढ़ते मामले – चिंताजनक तथ्य
🔹 दुनिया भर में 30 करोड़ से अधिक लोग क्रॉनिक हेपेटाइटिस से पीड़ित हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश को अपनी बीमारी के बारे में जानकारी तक नहीं होती।
🔹 हेपेटाइटिस बी और सी लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर के प्रमुख कारण हैं।
🔹 हर साल लगभग 13 लाख लोगों की मौत इन बीमारियों से होती है।
इस वर्ष की थीम – “हेपेटाइटिस नहीं रुकता”
कोविड के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में आई रुकावटों और नियमित जांच की अनदेखी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
“हेपेटाइटिस भले ही खामोश हो, लेकिन हमारा जवाब ठोस होना चाहिए। जागरूकता, समय पर जांच और टीकाकरण हमारे सबसे प्रभावी हथियार हैं,” डॉ. मरुडवार ने कहा।
डॉ. मरुडवार द्वारा सुझाए गए प्रमुख उपाय
✅ हेपेटाइटिस-बी का सुरक्षित और प्रभावी टीकाकरण
✅ सुरक्षित रक्त संक्रमण और इंजेक्शन पद्धतियों का पालन
✅ नशीले पदार्थ इंजेक्शन से लेने वालों के लिए हानि-नियंत्रण कार्यक्रम
✅ उच्च-जोखिम वाले समूहों की नियमित जांच और शीघ्र निदान
उन्होंने हेपेटाइटिस से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया।
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